-नागरिक बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पिछले दिनों हुए जलभराव से सबक लेते हुए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने जल निकासी के नए इंतजामों की रूपरेखा तैयार की है। साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाओं में तेजी लाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसमें असंल एसेंशिया के पास सेक्टर-66-67 में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सोसाइटी में एक पंप हाउस विकसित किया जाएगा। अवैध सीवर कनेक्शनों की पहचान की जाएगी।
इस संंबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) और नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सेक्टर-54, कृष्णा चौक, रेजांगला चौक, सेक्टर-23, सेक्टर-14 और ऐसे अन्य क्षेत्रों में जलभराव के स्थायी समाधान तलाशे जाएं। मानसून के दौरान सेक्टरों में सीवेज ओवरफ्लो के मामले को प्राथमिकता से देखा जाना चाहिए। मास्टर ड्रेन नेटवर्क के साथ किए गए अवैध सीवर कनेक्शनों की भी पहचान हो। उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने जल निकासी, सीवेज और जल आपूर्ति से संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के संचालन, रखरखाव को सुनिश्चित करने को कहा।
डूंडाहेड़ा से मास्टर स्टॉर्म ड्रेन लेग-1 तक आंतरिक जल निकासी नेटवर्क के कनेक्शन का काम एमसीजी द्वारा किया जा रहा है। सेक्टर-9, सेक्टर-9ए और सेक्टर-10 में जलभराव को स्थायी रूप से हल करने के लिए इन क्षेत्रों के लिए एक मजबूत जल निकासी और सीवेज नेटवर्क योजना विकसित करने का निर्देश दिया। इन क्षेत्रों के लिए एक डीपीआर तैयार किया जा सकता है।
शहर में पानी की सुचारू और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य जल आपूर्ति लाइन पर अवैध कनेक्शनों की नियमित जांच की जाए। क्रीक-1 पर अतिक्रमण को साफ किया जाए। शिव नादर स्कूल के पास नाले का चौड़ीकरण नगर निगम करेगा।