गुरुग्राम। शहर के राजीव चौक के पास कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शनिवार को किसानों ने काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। वहीं घरों पर भी काले झंडे लगाकर विरोध जताया। हालांकि उन्होंने केएमपी या अन्य किसी मार्ग को जाम नहीं किया। वहीं दूसरी ओर सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर किसानों द्वारा केएमपी-केजीपी जाम करने के चलते गुरुग्राम पुलिस सतर्क रही।
संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने बताया कि सरकार की तानाशाही व हठधर्मिता के खिलाफ किसानों ने काला दिवस मनाया है। किसान नेता धर्मबीर राठी ने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को लंबा खींचकर तोड़ने का षड्यंत्र रच रही है। किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है। आज पूरे देश में काला दिवस मनाया गया है। किसान नेता ईश्वर सिंह ने बताया कि आजादी के बाद से ये आज तक का सबसे बड़ा आंदोलन है। अब तक 250 से ज्यादा किसान आंदोलन में अपनी जान गवां चुके हैं। इनकी जान सरकार की हठधर्मिता और असंवेदनशीलता के कारण गई है। इस मौके पर देविका सिवाच, अनिल पंवार, पवन नेहरा, तेज राम यादव, जेसी यादव, राजेश गोस्वामी, मनोज झा आदि मौजूद रहे।