फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरिंदगी के खिलाफ फूटा गुस्सा, कैंडल मार्च निकाला, प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। हाथरस में युवती से दरिंदगी के खिलाफ शुक्रवार को एक बार फिर शहरवासियों का गुस्सा फूटा। दोषियों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च निकाला गया, तो प्रदर्शन भी किया गया। एहतियातन पुलिस ने चौक-चौराहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। लोगों ने एक सुर में सरकार से दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।
विज्ञापन

प्रदर्शन करते हुए लोग कमला नेहरू पार्क से निकलकर सदर बाजार से सोहना चौक, सिद्वेश्वर चौक और जेल चौक होते हुए राजीव चौक पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हाईवे पर चढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राजीव चौक पर ही उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका।
भारतीय भीम सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल ने सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दिलाने की मांग की। इस दौरान मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष हाजी शहजाद खान, भीम सेना से अनिल, संजय, सुखराली व भीम सेना के प्रदर्शनकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सदर बाजार को बंद करने के लिए दुकानदारों के सामने मांग रखी। लोगों को पूरा गुरुग्राम बंद रखने के लिए भी कहा।
विज्ञापन

दूसरी ओर लेजर वैली पार्क में कैंडल जलाकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डॉ. सारिका ने बताया कि देश में लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। परिवार को न्याय मिलना जरूरी है, वहीं लोगों को उनसे मिलने पर रोकना गलत है। इसकी जल्द ही जांच होनी चाहिए। इस दौरान मीनू सिंह और मलीहा सहित तमाम लोग मौजूद रहे। दोषियों को सजा दिलाने और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। वहीं यूपी में मौजूदा हालात पर वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग भी की।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग खुद संज्ञान ले : डागर
सोहना। हरियाणा युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेतन सिंह डागर ने हाथरस के बाद बलरामपुर में गैंगरेप वाली घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को नैतिकता के आधार पर तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। योगी सरकार में अपराधी, माफिया और दुष्कर्मी खुलेआम घूम रहे हैं। चेतन सिंह डागर ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को खुद संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें