गुरुग्राम। कोरोना काल के दौरान काफी बच्चों ने निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया था। इस दौरान कई निजी स्कूलों ने इन बच्चों को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) नहीं दिया था। शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को पत्र जारी करते हुए सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना संयोजकों सहित स्कूल प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इन छात्रों की समुचित जानकारी एमआईएस पोर्टल पर अपडेट की जाए। इसके साथ ही सभी छात्रों द्वारा कौन-कौन सी विषयों, स्ट्रीम में दाखिला लिया गया है, इसका विवरण विवरण भी पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 में ही स्कूलों को बंद कर दिया था। वहीं निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की फीस के लिए भी दबाव डाला गया। जिस कारण काफी अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से हटाकर सरकारी स्कूलों में दाखिला दिला दिया। लेकिन निजी स्कूलों ने स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट देने के लिए पूरी फीस मांगी। जिसकी शिकायत शिक्षा निदेशालय तक पहुंची। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी करते हुए बिना स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ही सरकारी स्कूलों में दाखिले करवाने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को आदेश दिए थे। शिक्षा निदेशालय ने अब इन छात्रों की एमआईएस पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने के आदेश दिए हैं।