यूजी कोर्स में भी शोध कर सकेंगे मेधावी विद्यार्थी
एनईपी-2020 के अनुसार चार वर्षीय यूजी कोर्स में मिलेगा रिसर्च का मौका
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्कूल पासआउट विद्यार्थी चार वर्षीय यूजी कोर्स में ही रिसर्च कर सकेंगे। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसका प्रारूप विवि स्तर पर साझा किया है। 16 जून को इससे संबंधित निर्देश भी कॉलेज व विवि प्रतिनिधियों को दिए जाएंगे। यूजी कोर्स (चार वर्षीय) में रिसर्च शामिल करने का छात्रों को सीधे सीधे लाभ होगा। इससे मिलने वाले रिसर्च अनुभव से छात्र निजी सरकारी संस्थानों में नौकरी के अवसर हासिल कर सकेंगे। ऐसे छात्रों की ऑनर्स डिग्री के नाम के अलावा रिसर्च शब्द भी लिखा होगा।
अब तक उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्र मास्टर (पीजी), एमफिल और पीएचडी स्तर पर ही शोध से परिचित होते हैं। रिसर्च ज्ञान अर्जित करने वाले छात्र रिसर्च से जुड़ी संभावनाओं में आगे की शिक्षा या नौकरी में भविष्य बनाते हैं। अब एनईपी-2020 के अनुसार छात्रों को चार वर्षीय यूजी कोर्स में ऑनर्स की डिग्री के साथ ही रिसर्च का मौका भी मिल सकेगा। हालांकि यह मौका मेधावी छात्रों को ही मिलेगा। जरूरी है कि कम से कम शुरुआती तीन साल के छह सेमेस्टर में छात्र ने 75 फीसदी शैक्षणिक स्कोर हासिल करने में सफल हो। ऐसे छात्र अंतिम वर्ष के सातवें व आठवें सेमेस्टर में रिसर्च अनुभव हासिल कर सकेंगे। यह छात्र पीजी छात्रों की तरह रिसर्च पेपर के जरिए शोध का अनुभव हासिल करेंगे।
यूजी कोर्स में एनईपी के तहत यह बिंदु होंगे खास
कौशल आधारित शिक्षा
छात्र के संपूर्ण विकास केंद्रित
तर्क पूर्ण, नवोन्मेषक सोच का विकास
बहुविषयक व अंत:विर्षयक आधारित शिक्षा
डीएचई ने यूजी कोर्स का फ्रेमवर्क साझा किया है। चरणबद्ध रूप में एनईपी के तहत किए जाने बदलावों में यूजी कोर्स में कई नए आयाम जुड़ेंगे। विवि स्तर पर बनाई गई एनईपी समिति सभी पहलुओं का आकलन कर नया फ्रेमवर्क तैयार करेगी। - दिनेश कुमार, कुलपति, गुरुग्राम विवि