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Gurugram News: बंधवाड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू करने की तैयारी पूरी

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कूड़े से बिजली बनाने के करार पर एनटीपीसी को प्लांट के लिए दी जाएगी जमीन
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स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल करेंगे उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल के कूड़े को समाप्त करने के लिए दोनों प्लांट की शुरुआत 15 मार्च से होगी। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की ओर से इसका उद्घाटन किया जाएगा।
कूड़े के निस्तारण से स्थानीय लोगों को इससे होने वाली समस्या से निजात मिलेगी। दूसरी ओर नगर निगम की ओर से डेढ़ साल पहले एनटीपीसी के साथ हुए करार के तहत अब प्लांट लगाने का समय आ गया है। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से अपना प्लांट बंधवाड़ी पर लगाने की योजना है। बिजली उत्पादन के लिए लगने वाले प्लांट की जगह कूड़ा निस्तारण के साथ बनाई जाएगी। नगर निगम आयुक्त की ओर से इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय इसी माह भेजी जाएगी।
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने गुरुग्राम की ओर से वेस्ट-टू-एनर्जी (कचरे से बिजली बनाने वाले) प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो अपनी विस्तृत रिपोर्ट और आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) मुख्यालय को सौंपेगी।
समिति में गुरुग्राम के निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, फरीदाबाद के आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा और हिसार के आयुक्त नीरज को शामिल किया गया है। साथ ही, गुरुग्राम से दो अतिरिक्त आयुक्त अंकिता चौधरी और यश जलूका को भी इस टीम का हिस्सा बनाया गया है। निगम आयुक्त प्रदीप दहिया और आईएएस यश जलूका कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में पहले से ही काफी सक्रिय रहे हैं और सरकार की विभिन्न बैठकों में अपनी विशेषज्ञ राय साझा कर चुके हैं। यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट के ड्राफ्ट को तैयार करने में उनकी अहम भूमिका तय की गई है।
10 साल का इंतजार अब होगा खत्म

गुरुग्राम में कचरे से बिजली बनाने की योजना पिछले 10 साल से केवल कागजों और बैठकों तक ही सीमित रही है। बंधवाड़ी जैसे कूड़े के प्लांट में कूड़े के पहाड़ बढ़ते जा रहे हैं। जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। निगम ने 2017 में ईको ग्रीन कंपनी के साथ करार किया था। जिसे कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट विकसित करना था लेकिन निगम और कंपनी के बीच एमओयू हस्ताक्षर होते ही पुराने कूड़े के निस्तारण और प्लांट विकसित करने के लिए जमीन खाली को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी। इसके बाद निगम ने कंपनी को प्लांट विकसित करने के लिए जगह खाली करके नहीं दी तो कंपनी ने प्लांट लगाने को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। अब केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत इसे नई ऊर्जा मिली है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लैंडफिल पर निर्भरता कम करना और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना है।

पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे प्लांट
इन वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। निजी कंपनियां इन प्लांटों में निवेश करेंगी और नवीनतम तकनीक लाएंगी। इससे नगर निगमों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। कूड़ा जो अब तक समस्या था, वह अब एक संसाधन बन जाएगा जिससे बिजली पैदा होगी। बता दें कि फिलहाल गुरुग्राम के बंधवाड़ी प्लांट में 16 लाख मीट्रिक टन कूड़ा पड़ा हुआ है। दो निजी एजेंसियों को करीब सवा सौ करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण का काम सौंपा हुआ है।
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वर्जन

कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट लगने से शहर में कूड़े के ढेर से राहत मिलेगी। कमेटी की ओर से इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। माह के अंत तक आरएफपी तैयार करके मुख्यालय भेजा जाएगा। - प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम
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