जीएमडीए ने चंदू बुढ़ेरा से शुरू किया पाइप लाइन का परीक्षण, कई सेक्टरों के लोगों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे के पास मुख्य पाइपलाइन को जोड़ दिया है। इसके साथ ही करीब दस साल पहले डाली गई पाइपलाइन में पानी छोड़कर परीक्षण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, चंदू-बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन तक पानी की सप्लाई की जानी है। परीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज सामने आए, जिसके बाद जीएमडीए ने मरम्मत कार्य शुरू कराया। जीएमडीए की टीम लगातार पाइपलाइन की जांच और मरम्मत में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में पूरी पाइपलाइन को दुरुस्त कर लिया जाएगा। इसके बाद बूस्टिंग स्टेशन में लगी मशीनों और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच की जाएगी।
पाइपलाइन में लीकेज के कारण कुछ स्थानों पर सड़क धंसने की समस्या भी सामने आई, जिसे ठीक कराने का कार्य जारी है। जीएमडीए का कहना है कि पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त होने के बाद इलाके में जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन के चालू होने से न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 57 से 80 तक 23 सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि मास्टर लाइन कई साल पहले डाली गई थी। ऐसे में पहले पूरी लाइन की जांच की जा रही है। इसके बाद बूस्टिंग स्टेशन की मशीनरी की जांच की जाएगी। इसके बाद चंदू-बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन तक पानी की सप्लाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जून यह सभी कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
बता दें कि सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण में करीब 95.96 करोड़ रुपये खर्च आया है। इसमें चार अंडर ग्राउंड वाटर टैंक, पंप हाउस, सम्प, क्लोरीनेशन रूम, टोनर, शेड, बाउंड्री वॉल, वॉच टावर, 2 स्टाफ क्वार्टर और प्रयोगशाला कार्यालय का निर्माण कराया गया है। दूसरी ओर चंदू बुढेड़ा में 100 एमएलडी क्षमता का एक पेयजल संयंत्र का ट्रायल होना है। पानी की क्षमता बढ़ने से जीएमडीए सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने की तैयारी कर रहा है।