धार्मिक स्थलों पर तैनात रही पुलिस, कोविड के बाद पहली बार जुमे के दिन रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह में हुए बवाल के कारण शहर में खुले में नमाज नहीं हुई। शहर के धार्मिक स्थलों पर पहली बार जुमे के दिन सन्नाटा रहा। लोगों ने अपने घरों में नमाज अदा की।
नूंह में हुई हिंसा को देखते हुए जुमे की नमाज को लेकर पुलिस-प्रशासन पहले से ही सतर्क था। हिंदू संगठनों ने भी खुले में नमाज न होने देने का ऐलान कर रखा था। दूसरी ओर सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे, इसके लिए मुस्लिम संगठनों ने भी लोगों से अपील की थी कि वह खुले में नमाज न पढ़कर अपने घरों में ही नमाज अदा करें।
इसके साथ ही प्रशासन से दंगे को देखते हुए जिले में धारा 144 लागू कर रखी है। पुलिस ने अपने स्तर पर सुरक्षा तैनात कर रखी थी। खुफिया विभाग की पल-पल पर नजर थी। प्रशासन की ओर से पीस कमेटी की बैठक में शांति बनाने पर जोर दिया गया था। सबसे अधिक सन्नाटा सदर बाजार की जामा मस्जिद में दिखा। यहां जुमे का दिन होने के बावजूद गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ था।
सेक्टर-29 स्थित लेजर वैली में दो जगह काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं। दोनों ही जगह एक भी व्यक्ति नमाज पढ़ने के लिए नहीं पहुंचा। वहीं नमाज पढ़ने वालों को दूसरे समुदाय के लोग नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए चारों ओर पुलिस तैनात रही। चारों तरफ नाके लगाकर संदिग्धों पर नजर रखी गई। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगातार गश्त पर रहे।
इसी तरह उद्योग विहार, शंकर चौक, सेक्टर-43 में भी सार्वजनिक स्थान पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद, राजीव चौक स्थित ईदगाह, बादशाहपुर स्थित मस्जिद सहित सभी मस्जिदों और ईदगाह में बहुत ही कम संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे। सभी मस्जिद और ईदगाह के चारों तरफ पुलिस सक्रिय दिखी।
शांति व सद्भाव बनाए रखने की कर रहे अपील
इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम मोहम्मद अब्दुल हसीब कासमी, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक खुर्शीद राजाका, दिल्ली व हरियाणा प्रभारी डॉ. इमरान चौधरी के साथ ही हाफिज मोहम्मद साबरीन सहित समुदाय के कई प्रबुद्ध लोग शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील करते नजर आए। सभी इलाके में घूम-घूमकर अपने समुदाय के लोगों से संपर्क कर रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जुमे की नमाज घरों में ही पढ़ें। उनका कहना है कि सभी लोगों को एक-दूसरे की भावना का सम्मान करना चाहिए। कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे कि किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे। मानवता की रक्षा करने के लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करना होगा।
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फोटो कैप्शन: सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद भी रही बंद। - फोटो अमर उजाला ब्यूरो