गुरुग्राम। शहर के विभिन्न चर्च में ईस्टर संडे पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। गुड फ्राइडे के बाद रविवार को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे को ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ा दिया गया था। दो दिन बाद रविवार को वे कब्र में नहीं थे, ऐसा माना जाता है कि ईसा मसीह दो दिन दोबारा जीवित हो गए थे। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। सेक्टर-45 स्थित कन्हई स्थित चर्च ऑफ इमाकुलेट कंशेप्शन में ईस्टर संडे पर प्रार्थना सभा में लोगों के ईसा मसीह के पुनर्जीवित होने की खुशी में गीत गाए गए। सिविल लाइंस स्थित चर्च ऑफ एपिफेनी में सुबह 5.30 सन राइज ईस्टर सर्विस से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सुबह 8 बजे अंग्रेजी में और 10 बजे हिंदी में ईस्टर की विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। न्यू कॉलोनी स्थित सेंट माइकेल चर्च में फादर पेरिया ने प्रार्थना कराई। संवाद