- निजी भवन में चल रहा डाक घर, लोग घर में जाने से कतराते हैं
रिजवान खान नगीना।
करीब दो दशक से कस्बा पिनगवां के लोग डाक भवन बनने का इंतजार कर रहे हैं। कस्बे में डाक भवन न होने के कारण एक निजी भवन में डाकघर चलाया जा रहा है। जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नही है। इस डाकघर को करीब 22 गांवों तक डाक पहुंचाने का जिम्मा दिया हुआ है। हालांकि ग्राम पंचायत द्वारा कई साल पहले एक भवन बनाया गया था, जिसको आज तक डाकघर को नहीं सौंपा गया है। यही कारण है कि डाकघर को एक निजी मकान में चलाया जा रहा है।
आरोप है कि डाककर्मी लोगों की डाक सही समय पर नहीं पहुंचाते हैं। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और समय पर डाक लोगों को नहीं मिल पाती है। पिनगवां कस्बे की डाक शाखा के जिम्मे 22 गांवों की डाक बांटने की जिम्मेदारी है, वहीं अकेले कस्बे में ही करीब 30 हजार की आबादी है।
इन 22 गांवों में डाक पहुंचाने की जिम्मेदारी
पिनगवां के डाकघर के अंतर्गत ढाणा, बुबलहेड़ी, तिगांव, चांदडाका, रहपुआ, मोहम्मदपुर, तेड, डूंगेजा, बुचाका, सिरसबास, घटवासन, रहपुआ, तेड, फिरोजपुर मेव, काटपुरी, हिंगनपुर, लाहबास, पापड़ा, पापड़ी, मामलीका, पिनगवां, नसीरपूरी, व मुंढेता सहित 22 गांव आते हैं।
लोगों का आरोप है कि डाक बांटने के लिए दो पोस्टमैन लगाए हुए हैं। जो डाक लेने के लिए उन्हें फोन कर घर पर ही बुलाते हैं। डाक लेने के लिए लोग निजी घर पर जाने से भी कतराते हैं। घर में चल रहे डाकघर में डाकघर जैसी कोई सुविधा नहीं है। जिसके कारण डाक लेने के लिए वो परेशान रहते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब वह डाक से संबंधित काम के लिए जाते हैं तो पहले तो घर पर आवाज देकर बुलाना पड़ता है, उसके बाद कोई बाहर आता है और तब जाकर उनका डाक से संबंधित कार्य होता है।
पंचायत द्वारा बनाए गए भवन पर लटका है ताला
कई वर्ष पहले पिनगवां कस्बे में तत्कालीन पंचायत ने एक भवन डाकखाने के लिए बनाकर दिया था। इस भवन में डाकखाने को शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में बनाए गए इस भवन में ताला लटका हुआ है।
डाक भवन न होने के कारण निजी मकान के एक कमरे में डाक घर चलाया जा रहा है। कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया है लेकिन डाक भवन नही बन पाया है। हालांकि डाक बांटने में कोई परेशानी नहीं होती। समय पर सबको डाक पहुंचा दी जाती है।
-भूप सिंह शाखा पोस्ट मास्टर, पिनगवां।