वर्ष 2019 में सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में महिला ने बुक किया था प्लॉट
वर्ष 2020 में मिलना था पजेशन, कंपनी ने आयोग में कोई भी दलील नहीं दी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। तय समय में महिला को प्लॉट का पजेशन न देने पर कंपनी अब ब्याज के साथ 12.53 लाख रुपये वापस करेगी। महिला को एक साल में प्लॉट का पजेशन देना था। यह आदेश जिला उपभोक्ता निवारण आयोग की सदस्य ज्योति सिवाच ने दिया है।
झज्जर के बाढ़सा निवासी कविता ने उपभोक्ता आयोग में दायर की याचिका में बताया था कि उन्होंने दो अगस्त 2019 को सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की तरफ से फर्रुखनगर में सेक्टर-तीन विकसित कर रही अमाया ग्रीन सोसाइटी में एक प्लॉट बुक किया था। इसके लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए थे। इसके बाद 30 अगस्त 2020 को उनका कंपनी के साथ करार हुआ जिसमें कंपनी ने आश्वासन दिया था कि वह एक साल में उनको प्लाॅट का पजेशन दे देगी। उनका कंपनी के साथ 17.21 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा तय हुआ था। उन्होंने कंपनी को 12.53 लाख रुपये दे दिए थे पर कंपनी ने तय समय में प्लॉट का पजेशन नहीं दिया।
इस मामले में कंपनी की तरफ से आयोग में कोई भी दलील नहीं दी गई। आयोग ने दस्तावेज के आधार पर कंपनी को आदेश दिया है कि वह महिला के 12.53 लाख रुपये वापस करे। जिस दिन उन्होंने कंपनी को रुपये दिए थे उसी दिन से नौ प्रतिशत की ब्याज दर से यह राशि देनी होगी। इस दौरान उनको मानसिक रूप से हुई परेशानी पर एक लाख रुपये और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 22 हजार रुपये देने होंगे।