सुशांतलोक-वन केसी ब्लॉक में निजी टैंकरों के सहारे जीने को मजबूर लोग, अधिकतर ट्यूबवेलों की मोटरें बेकार व पुरानी हो चुकीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नवनियुक्त मेयर, निगमायुक्त, नगर निगम के चीफ इंजीनियर समेत कई अधिकारियों के सामने अपनी समस्या बता चुके हैं मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। यह कहना है सुशांत लोक सी और सी-वन ब्लॉक के निवासियों का। इस क्षेत्र के करीब तीन हजार परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां पेयजल के लिए लोगों को निजी टैंकरों के सहारा लेना पड़ रहा है।
आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दीपक वर्मा ने बताया कि एक तो जीएमडीए की ओर से बहुत कम मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है, दूसरी ओर नगर निगम की ओर से टैंकर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। हम लोग जलापूर्ति की व्यवस्था में सुधार के लिए कई महीनों से गुहार लगा रहे हैं।
पेयजल किल्लत की ये हैं वजह
- अधिकतर ट्यूबवेलों की मोटरें पुरानी और बेकार हो चुकी हैं, जो मरम्मत के लायक भी नहीं हैं।
- चार बूस्टिंग स्टेशन में पुरानी मोटरों को लगाया गया था, जिसे बदलने की जरूरत है।
- अंडर ग्राउंड टैंक में जीएमडीए की लाइन से कम पानी आ रहा है।
- कई जगह मुख्य लाइन में लीकेज है और इससे पानी बर्बाद हो रहा है।
- ज्यादातर एनपीआर (नॉन रिटर्न वॉल्व) काम नहीं कर रहे हैं।
- वर्ष 2017-18 में नगर निगम के डीपीआर में लिखा था कि यहां फोर प्लस स्टिल्ट घरों के बनने के कारण पानी की जरूरत बढ़ी है। पूरे बूस्टिंग स्टेशन को जनसंख्या के मुताबिक अपग्रेड किए जाने की जरूरत है मगर सिस्टम अपग्रेड नहीं किया गया।
- 100 से ज्यादा कंस्ट्रक्शन साइट में पीने के पानी का काम निर्माण कार्य की शिकायत है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
- ओवरहेड और अंडरग्राउंड टैंक में लीकेज है, जिसकी मरम्मत की जरूरत है।
खरीदकर पी रहे पानी
पिछले हफ्ते ही हम मेयर, निगमायुक्त और नगर निगम के चीफ इंजीनियर से मिलकर हालात बता चुके हैं मगर इसके बाद स्थिति सुधरने की जगह बिगड़ने लगी है। लोगों को टैंकर खरीदकर पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही। - अशोक दलवानी, आरडब्ल्यूए, महासचिव
गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे
पेयजल की लाइन में लीकेज के कारण इसमें सीवेज की गंदगी चली जाती है। अकसर गंदे पानी की आपूर्ति भी बड़ी समस्या है। कुछ महीने पहले हमारे घर गंदा पानी आने के कारण परिवार के छह लोग बीमार हो गए थे। - वनीता पसरीचा, स्थानीय निवासी