भूजल स्तर सुधारने पर जोर, तालाबों के आसपास विकसित होगी हरियाली
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर के गांवों में अब पुराने तालाब और जोहड़ सिर्फ पानी जमा करने की जगह नहीं रहेंगे। नगर निगम ने इन्हें स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी और आकर्षक स्थान के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम की बागवानी विंग करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से छह प्रमुख तालाबों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम करवाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य गांवों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और बरसात के पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने पर है। मानेसर क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है और यहां बड़ी संख्या में लोग भूजल पर निर्भर हैं। लगातार पानी निकालने के कारण कई इलाकों में भूजल स्तर 600 से 700 फीट से भी नीचे पहुंच चुका है। ऐसे में तालाबों को दोबारा उपयोगी बनाना निगम के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
तालाबों के आसपास बनेंगे पक्के ट्रैक
योजना के तहत तालाबों की गहराई बढ़ाई जाएगी, जिससे उनमें ज्यादा पानी जमा हो सके। बरसात के दौरान आसपास के इलाकों से आने वाले पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर किया जाएगा। इससे बारिश के पानी का संचयन होगा और भूजल रिचार्ज में मदद मिलेगी। तालाबों के आसपास पक्के ट्रैक बनाए जाएंगे। लोग इनका इस्तेमाल सुबह-शाम टहलने के लिए कर सकेंगे। इसके अलावा ओपन जिम और हरियाली विकसित करने की भी योजना है। तालाब परिसर को इस तरह तैयार किया जाएगा कि परिवार यहां कुछ समय प्रकृति के बीच बिता सकें।
निगम अधिकारियों के अनुसार, योजना पूरी होने के बाद गांवों में जल संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाओं में भी सुधार होगा। इससे मानसून में जलभराव की समस्या कम करने और गर्मियों में पानी की कमी से राहत दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
निगम क्षेत्र के गांवों में पुराने तालाबों और जोहड़ों का जीर्णोद्धार कर उन्हें जल संरक्षण के साथ लोगों के उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा। तालाबों की गहराई बढ़ाने से उनकी जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और बारिश के पानी को सहेजकर भूजल रिचार्ज करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही तालाबों के आसपास हरियाली, पक्के ट्रैक और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। - प्रदीप सिंह, आयुक्त, नगर निगम मानेसर