लगातार दूषित हो रहे वातावरण को देखते हुए जिला उपायुक्त ने जारी किया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण सोमवार शाम जिला प्रशासन ने नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। साथ ही इन कक्षाओं में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के आदेश जारी किए गए हैं। उपायुक्त निशांत कुमार यादव का कहना है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग व प्रदूषण नियंत्रण आयोग की अनुशंसा पर बच्चों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने प्रदूषण से बच्चों के बचाव में सोमवार शाम आदेश जारी कर दिए। प्री स्कूल, प्री प्राइमरी व प्राइमरी कक्षाओं में भी ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी होने से ग्रैप के स्टेज-4 की स्थिति आ गई है। अत्यंत गंभीर श्रेणी की स्थिति से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव का अंदेशा है। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई ऑफलाइन की बजाए अब ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश जिले के सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थाओं में सात नवंबर से लागू होंगे। आगामी आदेशों तक यह निर्णय प्रभावी रहेगा।
सोमवार को जिले को अलग अलग क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब स्थिति में रहा। राहत की बात यह रही कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी 229 शहरों की सूची में गुरुग्राम का नाम घातक हवा में सांस ले रहे शहरों में शुमार नहीं हुआ। हालांकि जिले के अलग अलग क्षेत्र में एक्यूआई 350 के पार रहा। इसमें सेक्टर 51 में 400, ग्वाल पहाड़ी में 375, टेरी ग्राम में 375 और विकास सदन में 358 एक्यूआई रहा। ऐसे में जिला प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेते हुए पांचवीं कक्षा तक के प्राइमरी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया।
दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-4 के नियम लागू हैं। गुरुग्राम में भी एक्यूआई 350 से अधिक है। जो बहुत ही खराब स्थिति है। बुजुर्ग और बच्चों को इस कारण ज्यादा परेशानी आती है। पांचवीं कक्षा तक बच्चों को ऑनलाइन ही पढ़ाना होगा। -निशांत कुमार यादव, जिला उपायुक्त