एक्यूआई 157 दर्ज, श्वास, अस्थमा के मरीजों को हो सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पर्यावरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को आने वाले दिनों में प्रदूषण को लेकर सचेत रहने की सलाह दी है। सर्दी बढ़ने के साथ प्रदूषित हवा संघनित होकर नीचे रहेगी। प्रदूषण बढ़ेगा और श्वास, अस्थमा के मरीजों को दिक्कत आएगी, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी होगी। शहर में कूड़े को जलाकर खत्म करने के तरीके अपनाने को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है।
हवा में प्रदूषण के मामले में गुरुग्राम को विश्व के प्रमुख प्रदूषित शहरों में एक शुमार किया जाता है। इस साल गुरुग्राम पिछले साल के सर्वे में शामिल नहीं किया गया। शुक्रवार को शहर में एक्यूआई सेक्टर-56 में सुबह के आठ बजे 159 तक रहा। 10 अक्तूबर को शहर को एक्यूआई 157 रहा जबकि नौ अक्तूबर को यह 107 था।
कचरा जलाकर न करें खत्म
पर्यावरण एक्टिविस्ट और वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय मेहता ने बताया कि लोग कचरे को खत्म करने के लिए उसे जला देते हैं मगर कचरे में प्लास्टिक होता है। इससे निकलने वाला धुआं कैंसर का कारण होता है। कचरा जलने से बहुत ही खतरनाक किस्म की गैसें उत्पन्न होती हैं। जब प्लास्टिक जलता है तो डाइऑक्सिन, फ्यूरॉन, मर्करी, पॉलिक्लोरिनेटेड बाइफेनाइल्स जैसी खतरनाक गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। यह मनुष्यों, जीव जंतुओं और पेड़ पौधे के लिए खतरनाक हैं।
सीएमओ डाॅ. अलका सिंह ने बताया कि अभी वायरल के मरीज ज्यादा आ रहे हैं आने वाले दिनों में प्रदूषण बढ़ेगा। प्रदूषण से बचाव के लिए सुबह और शाम के वक्त खास ख्याल रखें। प्रदूषित हवा से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
आयुष विभाग की डॉ. गीतांजलि अरोड़ा ने कहा कि प्रदूषण और बदलते मौसम का असर कम करने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने की जरूरत है। कच्ची हल्दी के साथ दूध का प्रयोग करें। खांसी जुकाम में काली मिर्च का सेवन करें। अगर एसिडिटी रहती है तो काली मिर्च की जगह लौंग भी ले सकते हैं।