संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क और बंदी आदेश जारी किए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर में धूल नियंत्रण मानकों की निगरानी के लिए लगाए गए वेब कैमरों के बंद पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पिछले एक सप्ताह में 58 निर्माण स्थलों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित निर्माण स्थलों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क और बंदी आदेश जारी किए जाएंगे।
एचएसपीसीबी ने निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण रोकने के उपायों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। निरीक्षण के दौरान नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, विंड वॉल लगाना और रिमोट मॉनिटरिंग के लिए कैमरों की कार्यशीलता की जांच की जा रही है। गुरुग्राम उत्तर क्षेत्र की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने कहा कि भविष्य में भी निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
निर्माण स्थलों की निगरानी ऑनलाइन
500 वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों की निगरानी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, जहां परियोजना संचालकों को समय-समय पर सेल्फ ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होती है। गुरुग्राम उत्तर क्षेत्र में 686 पंजीकृत साइटों ने 5,202 रिपोर्ट अपलोड कीं। इनमें 767 स्वीकृत, 1,306 अस्वीकृत और 3,129 लंबित हैं। वहीं, गुरुग्राम दक्षिण क्षेत्र में 566 साइटों ने 4,498 रिपोर्ट जमा कीं, जिनमें 2,777 स्वीकृत, 982 अस्वीकृत और 739 लंबित हैं।
इसके अलावा, द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास साप्ताहिक निरीक्षण के दौरान पांच ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और दो निजी इकाइयों को बिना उपचारित गंदे पानी के अवैध निकास के आरोप में नोटिस जारी किए गए। बोर्ड ने उद्योगों को भी चेतावनी दी है कि बिना उपचारित अपशिष्ट जल छोड़ने पर बंदी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।