असली मालिक के बेटे ने प्लाॅट पर निर्माण होने पर की थी शिकायत
फर्जी पहचान पत्र बनवाकर हुई है रजिस्ट्री ठगी का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली में रहने वाली महिला ने मिलीभगत कर फर्जी कागजात तैयार कराकर सुशांत लोक स्थित एक प्लाट पहले अपने नाम करा लिया। उसके तीन साल बाद दो अन्य लोगों को बेच दिया। वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब असली प्लाट के मालिक का बेटे ने अपने प्लाट पर निर्माण होते हुए देखा। शिकायत के बाद गृह मंत्री के आदेश पर सुशांत लोक थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस के अनुसार झज्जर के गांव खातीवास निवासी सरूप सिंह ने गृह मंत्री से की शिकायत में कहा कि अंसल प्रापर्टी बिल्डर्स ने 1987 में सुशांत लोक स्थित प्लाट का बैनामा उनके नाम किया था। 1994 को इस प्लाट पर उसे कब्जा मिला। इसके बाद वह समय-समय पर प्लाट की देखरेख करने के लिए जाता था। वह अंतिम बार नवंबर 2022 में प्लाट देखने आए थे, तब प्लाट खाली पड़ा था। मार्च 2023 में उनका बेटा प्लाट देखने पहुंचा तो वहां पर निर्माण हो रहा था। इस दौरान ठेकेदार से पता चला कि दिल्ली निवासी एक महिला ने सितंबर 2022 में यह प्लाट पलवल की भावना नागपाल और अनीता देवी के नाम बेचा है।
महिला के पास जो बैनामा है, उसकी तारीख अगस्त 2019 की है। जांच में पता चला कि सरूप के नाम के आधार कार्ड व अन्य फर्जी कागजात तैयार कराकर महिला ने 2019 में वह प्लाट अपने नाम कराया था और 2022 में उसने दो अन्य लोगों को बेच दिया। जब उन्होंने इसकी शिकायत अप्रैल में सुशांत लोक थाने में तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर उसने शिकायत आगे भेजी थी। जिस आदेश पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।