पिछले साल री- डिजाइन कर खेल सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार की गई थी
जीएमडीए की योजना करीब एक साल में धरातल पर उतर नहीं सकी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की सेक्टर 15 के पार्ट-2 के गोल्फ कोर्स और टेनिस कोर्ट को री-डिजाइन कर खेल सुविधाएं बढ़ाने की योजना करीब एक साल में धरातल पर उतर नहीं सकी हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को अभी और इसके लिए इंतजार करना होगा।
सेक्टर-15 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने टेनिस कोर्ट और एक मिनी गोल्फ कोर्स बनवाया था, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी अब जीएमडीए के पास है। पिछले साल जून-जुलाई में इसे री- डिजाइन कर खेल सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार की थी। इसमें लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, स्केटिंग रिंग, पेडल टेनिस आदि जैसी खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना थी। इस पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। पिछले साल जारी टेंडर में उपयुक्त एजेंसी नहीं मिलने पर दोबारा से टेंडर जारी किया था। इसके बाद भी यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
सेक्टर-15 निवासी मुकेश यादव ने कहा कि गोल्फ कोर्स री-डिजाइन होने से यहां पर ज्यादा लाभ खिलाड़ियों को मिलता। उन्होंने बताया कि इस खेल परिसर से खिलाड़ियों को हाईवे पार करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में यह ग्राउंड काफी अहम है। उनका कहना है कि ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हाईवे पार राजीव चौक के पास है। लोगों का कहना है कि जीएमडीए शहर में खेल संसाधन बढ़ाने की योजना केवल कागजों में है, जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। जीएमडीए बोर्ड बैठक से मंजूरी मिली योजना को भी धरातल पर नहीं उतारा जा सका है।
सबसे बड़ी विकास एजेंसी का ऐसा हाल
शहर में सभी बड़ी परियोजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी जीएमडीए के पास है। लोगों का कहना है कि जीएमडीए की योजनाएं केवल कागजों में बनती है। लोगों का कहना है कि ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स को भी विकसित करने की योजना फाइलों में चल रही है। स्थानीय निवासी वीएमके सिंह का कहना है कि शहर के इंस्फ्रास्ट्रक्चर सुधार में जीएमडीए विफल साबित हो रहा है। सड़क से लेकर अन्य योजनाएं समय से पूरा नहीं हो पाती हैं। बता दें कि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की ग्रीन बेल्ट में पहले गोल्फ कोर्स बनाया गया था। अब लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, स्केटिंग रिंग, फुटसल और पेडल टेनिस आदि जैसी खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना थी। प्राधिकरण ने इसी प्रकार जगह-जगह खाली पड़ी ग्रीन बेल्ट में खेल संसाधन बढ़ाने की योजना तैयार की थी। इसमें सेक्टर 17, सेक्टर 31, डीएलएफ फेज दो समेत अन्य ग्रीन बेल्ट पर काम होना था।
इस योजना पर टीम द्वारा पुनर्विचार किया जा रहा है। जीएमडीए शहर में बेहतर सुविधाएं और सेवाएं देने के लिए कई कदम उठा रहा है।
- नेहा शर्मा, प्रवक्ता जीएमडीए