गुरुग्राम। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) ने औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू नई संपत्ति कर व्यवस्था की समीक्षा करने और बढ़े हुए कर की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजकर कहा कि नई व्यवस्था से उद्योगों और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से उद्योग हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। दीपक मैनी ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम की ओर से औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए लागू नई कर व्यवस्था में कर निर्धारण के लिए जटिल सांख्यिकीय प्रणाली अपनाई गई है। इससे करदाताओं के लिए अपने संपत्ति कर की सही गणना करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था सरल, स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर में कई गुना बढ़ोतरी से उद्योगों की लागत बढ़ेगी। इसका असर कारोबार, नए निवेश और रोजगार पर पड़ सकता है। गुरुग्राम देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। ऐसे में कारोबार की लागत बढ़ाने वाली किसी भी व्यवस्था का सीधा असर उद्योग जगत पर पड़ सकता है। संवाद