कंपनी को इंतजार, आठ दिन पहले जिला प्रशासन को लिखा था पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडिसो के असुरक्षित टावर-जे को गिराने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 14 सितंबर को जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। कंपनी ने टावर गिराने के लिए सभी मशीनरी व संसाधन जुटा लिए हैं। कंपनी प्रतिनिधि का कहना है कि जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
चिंटेल्स इंडिया ने टावर-जे के विध्वंस के लिए एडिफिस इंजीनियरिंग से अनुबंध किया है। कंपनी ने 14 सितंबर को गुरुग्राम के उपायुक्त को पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट के 3 सितंबर 2026 के आदेश के तहत असुरक्षित टावर को गिराने और चिंटेल्स पैराडिसो परियोजना के पुनर्विकास का काम जल्द शुरू किया जाना है। जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद ही विध्वंस प्रक्रिया शुरू होगी। चिंटेल्स इंडिया के वाइस प्रेजिडेंट जेएन यादव ने 21 सितंबर को डीटीपीई अमित मधोलिया से मुलाकात की। मधोलिया ने जल्द औपचारिकताएं पूरी कर अनुमति देने की बात कही है।
टावर-जे को असुरक्षित घोषित करने का कारण
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) गुरुग्राम ने वर्ष 2024 में टावर-जे खाली करने का आदेश दिया था। यह आदेश आईआईटी दिल्ली की 5 जनवरी 2024 की स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित था। रिपोर्ट में कंक्रीट में क्लोराइड से सरिया में जंग का खतरा बताया गया था। डीडीएमए के आदेश में कहा गया था कि टावर जे की मरम्मत और पुनर्वास संभव नहीं है। टावर करीब सितंबर 2025 में ही खाली कराया जा चुका था। चिंटेल्स पैराडिसो के अन्य टावर डी, ई, एफ, जी, एच पहले ही गिराए जा चुके हैं।
टावर जे को गिराने के लिए सभी मशीनरी व संसाधन जुटाए जा चुके हैं। जिला प्रशासन व डीटीपीई की ओर से अनुमति मिलने का इंतजार है। वे इस बारे में 21 सितंबर को डीटीपीई अमित मधोलिया से मिले थे। उन्होंने जल्द ही औपचारिकताएं पूरी करके अनुमति देने की बात कही है। यह टावर एक साल पहले ही खाली कराया जा चुका था। - जेएन यादव, वाइस प्रेजिडेंट, चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
टावर-जे को गिराने संबंधी अनुमति के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। उक्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अनुमति दी जाएगी। - अमित मधोलिया, डीटीपीई, गुरुग्राम