एनएचएआई और जीएमडीए के बीच फंसा 2.2 किमी की सड़क का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक की करीब 2.2 किमी की सड़क के कई जगह से टूटने और गड्ढों के कारण हजारों लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों को जोड़ने वाली सड़क भी है। लोगों का कहना है कि जीएमडीए इस पर कुछ लाख रुपये खर्च कर आवाजाही करने वाले लाखों लोगों की परेशानी दूर कर सकती है।
वर्ष 2019 में गुरुग्राम, पटौदी, रेवाड़ी हाईवे की इस सड़क को नेशनल हाईवे का एक हिस्सा करार दिया गया था। इसमें जीएमडीए को हशविप्रा से जमीन अधिग्रहित कर एनएचएआई को देनी थी। सड़क का यह प्रोजेक्ट नवंबर 2021 में शुरू करके नवंबर 2023 तक पूरा होना था। बाद में केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत ने यहां एलिवेटेड रोड बनाने की घोषणा कर दी।
द्वारका एक्सप्रेस स्थित सोसाइटी इंपीरियल गार्डन के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि सुनील सरीन बताते हैं कि न तो छह लेन की सड़क बनी, न एलिवेटेड रोड बन पाई है। यहां गड्ढों के कारण हजारों लोग रोजाना इस सड़क से बड़ी मुश्किल से गुजरते हैं। कई जगह धूल उड़ती है। निवासियों ने जीएमडीए से मांग की है कि कम से कम इसकी मरम्मत कराकर इसे आवाजाही के लायक ही बना दे। सेक्टर 10, पटौदी रोड समेत सेक्टर 37, सेक्टर 88-89 आदि की सोसाइटियों समेत शहर के कुछ गांवों के लोगों के लिए भी यह मुख्य सड़क है।
सुनील सरीन बताते हैं कि इस संबंध में लोगों ने सड़क की मरम्मत को लेकर एनएचएआई को अक्तूबर 2023 में पत्र लिखा था। वहां से जवाब मिला कि जिस कंपनी को ठेके पर दिया गया है, वही ठीक करेगी। स्थिति यह है कि उस कंपनी का ठेका खत्म हो गया है। अब यह सड़क जीएमडीए के पास है। एनएचएआई और जीएमडीए दोनों ही इसमें अपनी भूमिका से कतरा रहे हैं।
सेक्टर 37 डी स्थित बीपीटीपी पार्क सेरेन के आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष हेमंत कुमार पाल बताते हैं कि यह सड़क बन जाए जो सेक्टर 37 डी की सोसाइटियों के लोगों को काफी आसानी हो जाए।