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Gurugram News: सामुदायिक भवन में पार्षदों के लिए दफ्तर बनाने से परेशान हैं सेक्टर-46 के लोग

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संवाद कार्यक्रम में सेक्टर-46 के निवासियों ने रखीं समस्याएं, कहा-लोग यहां करते हैं अपने कार्यक्रमों का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। करीब 20 हजार की आबादी समेटे सेक्टर-46 के निवासियों को सेक्टर का सामुदायिक भवन छिन जाने का खतरा मंडरा रहा है। सेक्टर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में निवासियों ने कहा कि सामुदायिक भवन में नगर निगम ने निगम पार्षद के दफ्तर खोलने की अनुमति दी है। इससे निवासियों को यहां कार्यक्रमों के आयोजन में परेशानी आएगी।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज कुमार यादव ने कहा कि सामुदायिक भवन के तीन कमरों में से एक कमरे में लाइब्रेरी है, जहां छात्र पढ़ने आते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हशविप्रा) ने एक डेवलपर की तरह सेक्टर विकसित किया। इसकी देखरेख बाद में नगर निगम के पास आई। सामुदायिक भवन की देखरेख आरडब्ल्यूए के पास है। 18 लाख रुपये खर्च कर निवासियों ने इसकी मरम्मत कर इसका नवीकरण किया। मगर नगर निगम ने बगैर आरडब्ल्यूए से पूछे उसमें पार्षद के दफ्तर बनाने की अनुमति दे दी। यहां निवासी सस्ते दर पर हॉल बुक कर अपने कार्यक्रमों के आयोजन यहां करते हैं। निवासी सामुदायिक भवन में निगम पार्षद का दफ्तर खोले जाने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। निगमायुक्त समेत सभी अधिकारियों को लिखा है।
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सफाई, सीवेज, पानी, अतिक्रमण की भी समस्या
सेक्टर के लोगों ने बताया कि सेक्टर बड़ा है और सफाई के लिए मात्र 14 कर्मी लगाए गए हैं। इनमें 8-10 ही फील्ड में दिखते हैं। सेक्टर में सड़कों की स्थिति बदहाल, पीने के पानी की समस्या है। सीवेज ओवरफ्लो और बारिश के समय जल भराव से दिक्कत आती है। कार्यक्रम में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज कुमार यादव, महासचिव डॉ. ऋचा तिवारी, ओपी यादव, एनएस गौतम, लीला यादव, मुकेश यादव, के प्रसाद, सूरज प्रसाद सिंह, हरि राम यादव, कंवर सिंह यादव, विक्रांत और रंजीत त्रिपाठी ने अपनी बात रखीं।

लोगों ने साझा की परेशानियां
अगर निगम के स्तर पर सामुदायिक भवन की समस्या नहीं सुलझती तो हमलोग न्यायालय की शरण लेंगे। सामुदायिक भवन निवासियों के लिए है न कि पार्षद के दफ्तर के लिए। - राज कुमार यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष

सेक्टर में सफाई नहीं होती, ग्रीन बेल्ट बदहाल है। फुटपाथ पर अतिक्रमण है। बारिश के समय यहां पानी भर जाता है, क्योंकि ड्रेनेज लाइनें आबादी के अनुसार नहीं है। नगर निगम की सेवाएं मिलेनियम सिटी में गांव की तरह मिल रही है। - डॉ. ऋचा तिवारी, आरडब्ल्यूए महासचिव्र
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ड्रेनेज सिस्टम रैंप से दब गए हैं। ड्रेनेज की सफाई नहीं होती है। सेक्टर की एंट्री, सेक्टर मार्केट के पास गंदगी का ढेर पड़ा रहता है। - लीला यादव

जब सेक्टर की आबादी बहुत कम थी तब की सीवेज लाइनें हैं। अब चार मंजिला घर बन गए हैं। आबादी कई गुना बढ़ गई। आबादी के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए जाने की जरूरत है। - के. प्रसाद
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