गुरुग्राम/पटौदी/सोहना/फर्रूखनगर। लॉकडाउन की शुरूआत में जहां लोग मंडी में खरीददारी करने उमड़ रहे थे। वहीं कोरोना के 19 केस सामने आने के बाद आढ़ती व लोग मंडी जाने से डर रहे हैं। गली मोहल्ले में आने वाले सब्जी विक्रेताओं से भी सब्जी खरीदने में लोगों को डर लग रहा है। खरीददारी करने के बाद लोग विक्रेताओं से सब्जी गेट के बाहर ही रखवाकर दूर से रुपये दे रहे हैं। लोग विक्रेता से बकाया राशि लेने से भी डर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के आढ़ती डरे हुए हैं।
खांडसा मंडी को सैनिटाइज करने के बाद जिला प्रशासन इसे 9 मई से दोबारा खोलने की तैयारी कर रहा है। वहीं, फर्रूखनगर के आढ़तियों ने मंडी को 12 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। हालांकि जिला प्रशासन ने फर्रूखनगर व पटौदी मंडी को 7 मई तक बंद रखने के निर्देश दिए थे। पटौदी में शुक्रवार को मंडी खुलेगी।
पुलिस की सख्ती के बाद बृहस्पतिवार को व्यापारी सोहना के रामलीला मैदान में लगाई जा रही मंडी में नहीं पहुंच पाए। मंडी में ग्राहक न होने के कारण कई किसानों ने अपनी सब्जियों को पास की गौशाला में दान कर दिया। मंडी में ग्राहक न होने के कारण इससे घीया, सीताफल के दाम 10 रुपये प्रति किलो से भी नीचे पहुंच गए। तरबूज 6 रुपये व खरबूजा 19 रुपये प्रति किलो तक बिका।
खांडसा रोड सब्जी मंडी नौ मई से खोलने की तैयारी है। यहां प्रवेश व निकासी अलग गेटों से होगा और इंट्री पास से ही प्रवेश मिलेगा। पास लेकर मंडी में जाने वाले ग्राहक को 30 मिनट में ही सब्जियां खरीदकर बाहर आना होगा। आढ़ति एसोसिएशन के महासचिव संजय सपड़ा ने बताया कि प्रशासन ने मंडी को सैनिटाइज करवा दिया है। मंडी में बैरिकेड लगाकर सामाजिक दायरा बनाए रखने के लिए निशान लगाए जा रहे हैं। मंडी में आने वाले आढ़ती, दुकानदारों एवं ग्राहकों को स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।