नूंह। शनिवार रात नूंह शहर के खाटूश्याम मंदिर के कुंडा वाले तालाब में युवक हेमंत कुमार की डूबने से हुई मौत के बाद इस तालाब को लेकर शहरवासियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
बड़ी बात यह है कि इस तालाब में लगभग प्रत्येक दो माह में एक युवक की डूबने से मौत हो जाती है। लेकिन फिर भी न तो मंदिर प्रशासन और न ही पुलिस प्रशासन ने यहां सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम किए हैं। यहां पर कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया है।
शहरवासी रघुबीर बघेल, प्रवीण शर्मा, रविंद्र कुमार, राजू शर्मा आदि का कहना है कि तालाब के पास खाली मैदान पड़ा है, जिसमें बैठकर युवा शराब पीते हैं और फिर तालाब में नहाते हैं। जिनको कम तैरना आता है या फिर शराब का नशा अधिक हो जाता है, वह इसमें डूब जाता है। शहरवासियों ने कहा कि इस तालाब को मंदिर प्रशासन ने पिछले दिनों खोदवाकर करीब 30 फीट गहरा करवा दिया था। जिसके कारण ये दुर्घटनाएं बढ़ी हैंं। दूसरी तरफ इसमें सुरक्षा के नाते न तो कोई बेल लगाई गई है और न ही अन्य इंतजाम किए गए हैं।
शनिवार को हुई युवक हेमंत कुमार की मौत के पीछे भी तालाब की अधिक गहराई होना एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। वहीं इस मामले में नामजद किए गए युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। नूंह शहर थाना प्रभारी नरेश यादव ने बताया कि इस मामले में शहरवासियों के सहयोग से जल्द सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।