आठ माह में 798 साइबर अपराध के मामले हुए दर्ज, 1128 लोग गिरफ्तार
81 साइबर अधिकारी जांच में जुटे, लोगों को किया जा रहा है जागरूक
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में रहने वाले लोग साइबर अपराध करने वालों के जाल में उलझे हुए हैं। कमिश्नरेट के चारों साइबर थानों में रोजाना 35 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें आ रही हैं। जिसमें से औसतन पांच गंभीर मामलों को दर्ज किया जा रहा है। साइबर थाना पुलिस ने आठ माह में 798 मामले दर्ज कर 1128 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदेश भर में हो रही साइबर ठगी में सबसे अधिक गिरफ्तारी कमिश्नरेट की है। करोड़ों की साइबर ठगी में यह बात सामने आई है कि डर दिखाकर पढ़े लिखे लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।
कमिश्नरेट की पुलिस ने 9 फर्जी काॅल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। जिसमें काम करने वाले युवक और युवतियों की ओर से विदेश में बैठे लोगों के साथ ठगी की जाती है। आठ माह के दौरान 9 फर्जी काल सेंटरों में 165 युवक और युवतियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बेरोजगारों को फर्जी कॉल सेंटरों में देते हैं नौकरी
साइबर पुलिस की ओर से फर्जी कॉल सेंटरों के भंडाफोड़ के बाद गिरफ्तार आरोपियों से खुलासा हुआ है कि वह पढ़े लिखे हैं। नौकरी की तलाश में आए थे। नौकरी के नाम पर उनको रखा जाता था। साइबर अपराध के मामलों की जांच और जागरूकता शिविर में यह बात सामने आई है कि साइबर ठग लोगों को लालच देकर अपना शिकार बनाते हैं। दूसरा कारण डर होता है अगर वह कुछ गलत करते हैं तो सामने वाले के झांसे में जल्दी आ जाते हैं। डिजिटल अरेस्ट इसी का एक कारण है।
साइबर अपराध के तरीके
: सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी।
: बिजली कनेक्शन काटने का हवाला देकर ठगी।
: परिचित बनकर खाते में पैसा डालने व मांगने के नाम पर ठगी ।
: फर्जी कस्टमर अधिकारी बनकर भय दिखा कर डिजिटल अरेस्ट करके ठगी।
: बेटे की फर्जी करतूत का हवाला देकर मुकदमे में फंसाने के नाम पर ठगी।
: गूगल पर फर्जी नंबर देकर ठगी।
: कस्टमर केयर के नाम पर झांसा देकर ठगी।
: ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर ठगी।
: कूपन व ऑफर का लालच देकर लिंक क्लिक करने के नाम पर ठगी।
: लड़की की फोटो लगाकर कॉल करना बाद में ब्लैकमेल करके ठगी।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
: लालच से बचे, किसी ऑफर के बाद दो मिनट जरूर सोचे कि क्या ऐसा हो सकता है।
: डर दिखाने वालों से बचे, आपस में चर्चा जरूर करें।
: साइबर ठगी होने पर तुरंत सूचना 1930 पर दें ताकि पैसे को समय पर होल्ड कराया जा सके।
: साइबर अपराध से बचने के परिवार व मित्र के साथ रिश्तेदारों को जरूर जागरूक करें।
: अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
: अपना ओटीपी शेयर करने से बचें।
: किसी भी तरह की आशंका पर पुलिस को जरूर सूचित करें।
वर्जन
लालच और डर के कारण लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। साइबर ठगी से बचने का सबसे सही तरीका जागरूकता है। साइबर पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। - प्रियांशु दीवान, एसीपी साइबर क्राइम , गुरुग्राम।