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Gurugram News: ज्यादा पैसे कमाने के लालच में साइबर ठगी के शिकार हो रहे लोग

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- स्कूलों, कंपनियों सहित अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक कर रही पुलिस
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- स्टॉक मार्केट में निवेश कराने, ऑनलाइन जॉब के बहाने झांसे में लेकर बनाते हैं शिकार
अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में लोग साइबर ठगों का शिकार बन रहे हैं। साइबर ठग स्टॉक मार्केट में निवेश कराने, गूगल रिव्यू, क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी लेकर, अकाउंट में रुपये भेजकर, ऑनलाइन जॉब, सेक्सटार्शन के माध्यम से ब्लेकमैल करके, डिजिटल अरेस्ट करके, मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर लाेगों से ठगी कर रहे हैं। गुरुग्राम में रोजाना कई लोग साइबर ठगों के झांसे में आकर अपनी कमाई गंवा रहे हैं।

रुपये कमाने का चक्कर बना रहा शिकार:

साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपना शिकार बना रहे हैं। ज्यादातर मामले स्टॉक मार्केट में निवेश कराकर, गूगल रिव्यू में ज्यादा रुपये कमाने का झांसा देते हैं। झांसे में आकर लोग साइबर ठगों द्वारा भेजे गए लिंक पर अकाउंट बनाकर रुपये निवेश कर देते हैं। एक बार रुपये निवेश करने पर साइबर ठग उन रुपयों को निकालने के लिए फिर से निवेश करने की बात करते हैं। ऐसे में लोग अपने लाखों रुपये फंसा देते हैं। वह जब अपने निवेश किए गए रुपये व प्रॉफिट राशि मांगते हैं तो साइबर ठग लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप से हटा देते हैं और उनके अकाउंट को भी बंद कर देते हैं।
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कई माह बाद देते हैं शिकायत:
साइबर ठगों के झांसे में आकर अपनी राशि गंवाने वाले काफी लोग कई माह बाद पुलिस में शिकायत देते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी का शिकार हुए लोग तुरंत 1930 नंबर कॉल करके जानकारी दें ताे पुलिस की साइबर टीम संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करा सकती है और ठगे गए रुपयों को निकलवा सकती है। लेकिन, साइबर ठगी के शिकार हुए लोग कई माह बाद शिकायत करते हैं, तब तक साइबर ठगों द्वारा बैंक खातों से अन्य बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। ऐसे में पुलिस को मामले की तह तक जाने में काफी समय लगता है।
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वर्जन
साइबर ठगी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गुरुग्राम पुलिस के पास जो भी शिकायत व मामले आते हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। कुछ लोग कई माह बाद शिकायत देते हैं, जिस कारण मामले सुलझाने में परेशानी आती है। - प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध।
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