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Gurugram News: गेहूं का उठान न होने से रुकी किसानों की पेमेंट

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नूंह मंडी में अभी तक 13 अप्रैल का गेहूं ही नहीं उठा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। गेहूं की खरीद व पेमेंट में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार भले ही गंभीर नजर आ रही हो, लेकिन सरकार के इन आदेशों को प्रशासनिक स्तर पर चल रही ढील व ट्रांसपोर्टर की मनमर्जी के कारण जमकर पलीता लगता नजर आ रहा है। गेहूं का उठान न होने के कारण किसानों के खाते में समय पर पैसा नहीं पहुंच रहा है, जिससे सरकार की छवि तो धूमिल हो ही रही है, साथ ही लोग अधिकारियों को भी कोस रहे हैं। गेहूं की पेमेंट समय पर न होने के कारण मेवात के अधिकांश किसानों की ईद का पर्व भी फीका रहा। लापरवाही का यह आलम तब है कि किसान व आढ़तियों ने मेवात दौरे पर आए अतिरिक्त प्रधान सचिव अशोक खेमका के सामने उठान समय पर न होने की मांग रखी तो उन्होंने उपायुक्त के अलावा डीएफएससी व डीएम हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारियों को तुरंत आदेश दिए कि नूंह मंडी से गेहूं का उठान तुरंत कराना सुनिश्चित करें, लेकिन उनके आदेशों पर दूसरे दिन प्रशासनिक अधिकारी ट्रांसपोर्टर से काम लेने में नाकाम दिखाई दिए। इस बार सिस्टम काफी खराब होने के कारण किसान व आढ़ती दोनों ही परेशान नजर आ रहे हैं। क्योंकि मौसम खराब होने के कारण आढ़ती को खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं खराब होने का डर है तो उठान न होने से किसान पैसे के लिए तंग है। हालात ये हैं कि अभी भी हजारों बैग गेहूं 13 अप्रैल तक का पेंडिंग है।
गेहूं का पैसा समय पर नहीं मिलने के कारण लोगों का ईद का त्योहार फीका रहा है। उम्मीद थी कि जल्द पैसा मिल जाएगा, लेकिन उठान न होने के कारण पैसे खाते में नहीं डाले गए। -इस्लामुद्दीन किसान, नवाबगढ़।
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एसीएस अशोक खेमका आए थे, तो उम्मीद जगी थी कि कुछ बेहतर होगा और उठान होने से पैसे किसानों के खाते में आएंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अधिकारी व ट्रांसपोर्टर मिले हुए हैं। ट्रांसपोर्टर पर जुर्माना हो। -जुगन पंडित किसान, आलदोका।
कुछ अधिकारी व कर्मचारी सरकार की साख को बट्टा लगा रहे हैं। सरकार प्रयासरत है, लेकिन ट्रांसपोर्टर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है और अधिकारी मौन हैं। आखिर क्यों जुर्माना नहीं करते? -
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भगत सिंह, किसान छपेड़ा।

हम कोशिश में हैं, व्यवस्था बेहतर चले इसके लिए एक कमेटी बनाई जा रही है, जिसमें मार्केट कमेटी, मंडी एसोसिएशन व वेयरहाउस का स्टाफ शामिल होगा। इन्हीं के हिसाब से गाड़ियां मिलेंगी। ट्रांसपोर्टर अगर नहीं मानता है तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। -मनोज कुमार, डीएम हरियाणा स्टेट वेयरहाउस कॉरपेरेशन।
फोटो- मंडी में पड़े गेहूं के बैग।
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