भीषण गर्मी में कुुत्ते हो रहे चिड़चिड़े, काट रहे हैं लोगों को
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पिछले दिनों अस्पताल में मरीज के साथ आए एक व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया। वह अस्पताल परिसर में ही था तो अस्पताल के उस विंग में पहुंच गया जहां एंटी रेबीज के टीके लगाए जाते हैं, मगर यहां टीके उपलब्ध नहीं थे। सामान्य अस्पताल परिसर में करीब 10-15 कुत्ते घूमते रहते हैं। केवल अस्पताल परिसर ही नहीं, शहर के सभी हिस्सों में स्ट्रीट डॉग की संख्या बढ़ी है।
गर्मी के मौसम में कुत्तों को प्यास लगती है और चिड़चिड़े होकर वे लोगों को काटते हैं। पिछले साल इसी मौसम में अकेले सामान्य अस्पताल में रोजाना 100 से 150 लोग रेबीज रोधी टीके के लिए आते थे। अस्पताल में इस टीके की कीमत 100 रुपये होती है, जबकि बाहर से लेने पर एक टीके की कीमत 350 रुपये है। पूरे टीके लगाने पर मरीज पर 1750 रुपये का खर्च आता है। टीके लगाने की फीस भी इसमें अलग से शामिल होती है।
इस समय जब गर्मी के कारण कुत्ते काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जिला अस्पताल में रेबीज रोधी टीके उपलब्ध नहीं है। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि पिछले महीने से ही टीके उपलब्ध नहीं हैं। जिला अस्पताल के उपाधीक्षक डा. नीरज यादव ने बताया कि अभी टीके नहीं आ रहे हैैैैैं मगर यदि मरीज को जरूरत होती है तो बाहर से इसके टीके मंगवा दिए जाते हैं।
एनिमल वेलफेयर डॉक्टर्स फोरम के अध्यक्ष डा. एसपी गौतम बताते हैं कि पहले नगर निगम की ओर से कुत्तों का स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन किया जाता था। करीब दो साल से यह कार्य नहीं हो रहा है। स्ट्रीट डॉग को लोग कुत्तों के रेबीज के टीके लगाने वाले कैंप में भी लेकर नहीं आते। बहुत सारे लोग अपने पालतू कुत्तों का भी वैक्सीनेशन नहीं कराते हैं। नगर निगम की ओर से कोई एनजीओ यह कार्य करता है तो आसानी हो जाती है।