सेक्टर-109 स्थित कैलेडियम सोसाइटी का मामला
कई सोसाइटियों में अस्थायी कनेक्शन के भरोसे बिजली व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एक ओर बिल्डर ने 33 केवी सबस्टेशन नहीं बनाया जिससे निवासियों को इसके लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, दूसरी ओर 11 केवी की अस्थायी लाइन के रखरखाव का खर्च भी निवासियों को उठाना पड़ रहा है। सेक्टर 109 स्थित कैलेडियम सोसाइटी के लोगों को सेक्टर 107 से आए 11 केवी के केबल के रखरखाव के लिए बिजली निगम को प्रतिमाह 40 हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। नियमानुसार सोसाइटियों में बिल्डर प्रबंधन को 33 केवी सबस्टेशन बना देना चाहिए मगर बहुत सारी सोसाइटियों में अभी तक 33 केवी सबस्टेशन नहीं बनाया गया है। ऐसे में सोसाइटियों के निर्माण के समय जो 11 केवी का अस्थायी कनेक्शन बिल्डर ने लिया था, उसी के भरोसे सोसाइटियों में बिजली व्यवस्था चलाई जा रही है।
कैलेडियम के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष अम्बष्ठ ने बताया कि एक ओर उन्हें 33 केवी सबस्टेशन की लड़ाई लड़नी पड़ रही है दूसरी ओर केबल के रखरखाव के लिए 40 हजार रुपये प्रतिमाह बिजली निगम को देने पड़ रहे हैं। अंडरग्राउंड केबल में फाॅल्ट और गड़बड़ी की स्थिति में सोसाइटी में कई बार दो-दो दिन तक बिजली नहीं होती है तब जेनरेटर की सहायता से बिजली का काम चलाया जाता है। इससे बिजली खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
कैलेडियम के अलावा दूसरी सोसाइटियों में भी यही स्थिति है। कुछ जगहों पर लोगों ने बिल्डर से अस्थायी केबल के रखरखाव की राशि देने के लिए करार करा रखा है। एटीएस ककून में केबल फॉल्ट की स्थिति में बिजली जाने पर जेनरेटर के डीजल का खर्च तो निवासियों को वहन करना पड़ता है। सोसाइटी के निवासी गौरव सलूजा ने बताया कि पिछले आठ साल से सोसाइटी में 33 केवी सबस्टेशन का मामला लटका हुआ है।
सेक्टर 104 स्थित एटीएस ट्रायंफ सोसाइटी के लाेगों द्वारा काफी संघर्ष करने के बाद बिजली निगम ने सोसाइटी के बिल्डर को 33 केवी के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया है।
सेक्टर 92 स्थित रहेजा नवोदया और संपदा के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष वेद ढाका ने बताया कि उनकी सोसाइटी में 666 परिवार रहते हैं। शुरुआत में बिल्डर ने जो निर्माण के लिए तो कमर्शियल कनेक्शन ले रखा था, उसी से अभी तक काम चल रहा है। 33 केवी सबस्टेशन नहीं होने के कारण आए दिन बिजली संकट होता रहा है।