सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना शुरू की गई थी पर खातों में जमा नहीं हो रही राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। टीबी रोग को हराने के लिए नियमित पोषण डाइट का सेवन करना जरूरी है। इसके लिए सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना शुरू की गई थी लेकिन इसके तहत वर्तमान में रोगियों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। रोगियों को इस योजना के तहत पोषण डाइट के लिए मासिक एक हजार रुपए मिलते हैं पर 6 माह से यह राशि उनके बैंक खातों में जमा नहीं हो रही।
मरीजों को इलाज जारी रहने तक योजना के तहत 500 रुपये और वर्तमान में एक हजार रुपये मिलते हैं। जिले में पंजीकृत करीब नौ हजार से अधिक और प्रदेश में निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले 31 हजार से अधिक मरीज प्रभावित हैं। वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 24 नवंबर तक जिले में टीबी मरीजों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निश्चय रिपोर्ट के अनुसार सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे मरीजों की संख्या 3,588 रही, जबकि निजी अस्पतालों में 6,668 मरीज पहुंचे। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।
आईएमए ने लिखा पत्र
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. महावीर जैन, सचिव डॉ. धीरेंद्र सोनी और पूर्व राज्य प्रधान डॉ. अजय महाजन के अनुसार स्टेट टीबी ऑफिसर को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि टीबी रोग एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है। आईएमए ने स्टेट टीबी ऑफिसर को पत्र लिखकर जल्द भुगतान का आग्रह किया है। आईएमए की मानें तो सर्वाधिक प्रभावित निजी अस्पतालों में टीबी का इलाज करवाने वाले मरीज हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीबी सहायता योजना का लाभ निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के शुरुआत में यह राशि 500 रुपये थी, फिर बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई थी लेकिन यह राशि टीबी मरीजों के खातों में नहीं पहुंच पा रही है।
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डाॅ अजय महाजन, आईएमए, इमीडिएट पास्ट प्रधान