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Gurugram News: जिला अस्पताल में दो विभागों की खींचतान में मरीज बेहाल

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लिफ्ट खराब होने के कारण मजूबरी में सीढ़ियों का सहारा लेती बुजुर्ग महिला। संवाद
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पीडब्ल्यूडी और अस्पताल प्रशासन एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
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-11 साल से बंद पड़ी हुई है लेबर वार्ड की लिफ्ट
-प्रसूताओं को सीढ़ियों से ले जाने पर मजबूर हैं लोग



विपिन सैनी


पलवल।
जिला नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां लेबर वार्ड में लगी लिफ्ट पिछले करीब 11 वर्षों से बंद पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के निर्माण के समय से ही यह लिफ्ट कभी चालू नहीं हो सकी। इस वजह से प्रसूताओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


प्रसूताओं को लेना पड़ता है सीढ़ियों का सहारा :


अस्पताल में कुल चार लिफ्ट लगाई गई थीं, जिनमें से तीन वर्तमान में चालू हैं, लेकिन लेबर वार्ड की लिफ्ट अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इससे मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को सीढ़ियों के सहारे ऊपर-नीचे ले जाना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि जोखिम भरा भी है।
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अधिकारी एक दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी :


मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि लिफ्ट का मुद्दा दो विभागों के बीच फंसकर रह गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी की ओर से कराया गया था और लिफ्ट उन्हें अब तक हैंडओवर नहीं की गई है। वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इस दावे को खारिज करते हुए कहते हैं कि लिफ्ट पहले ही अस्पताल को सौंप दी गई थी।
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मरीज व तीमारदार भुगत रहे परेशानियां :


दोनों विभागों के इस आपसी टकराव का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजन रोजाना इस अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति को साफ तौर पर उजागर करती है।
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वर्जन


जिला अस्पताल के लेबर वार्ड की लिफ्ट को लेकर जो भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आ रही हैं, उसे जल्द से जल्द दूर कर दिया जाएगा। हमारी टीम स्थिति का निरीक्षण कर रही है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लिफ्ट को शीघ्र चालू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों और विशेष रूप से प्रसूताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- अमन, जेई, पीडब्ल्यूडी इलेक्ट्रिकल विभाग

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