संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। गुरुग्राम से धारूहेड़ा के बीच चलने वाली निजी बसों की मनमानी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि बस चालक और कंडेक्टर पूरा किराया लेने के बाद उन्हें बीच रास्ते में ही उतार देते हैं। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस में बैठकर आगे जाना पड़ता है। कई बार दूसरी बस नहीं मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
बुधवार को मानेसर में दो बस चालकों के बीच आपस में बहस हो गई। इसके चलते यात्रियों को बीच रास्ते में बस से उतार दिया गया। यात्रियों को दूसरी बस में बैठकर आगे जाना पड़ा। इससे उनका समय भी खराब हुआ।
यात्री नरेंद्र ने बताया कि कई निजी बस चालक तेज गति से बस चलाते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, यात्री रोहन ने बताया कि कई बार बस चालक और कंडेक्टर यात्रियों को बीच रास्ते में ही बस से उतार देते हैं। यात्रियों ने संबंधित विभाग से निजी बसों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। यात्री केशव ने बताया कि उन्हें मानेसर से मेट्रो जाना था। निजी बस के परिचालक ने उनसे पूरा किराया लिया, लेकिन जाम का हवाला देकर उन्हें कापड़ीवास में ही उतार दिया। गंतव्य तक नहीं पहुंचाने के बावजूद पूरा किराया लिया गया।