- बच्चों की भावनात्मक जरूरतों को समझने और बेहतर संवाद पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के एक निजी स्कूल में ऐम्स और सीबीएसई की पहल मेट (माइंड एक्टिवेशन थ्रू एजुकेशन) के तहत अभिभावक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों के भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ अभिभावकों और शिक्षकों को उनकी भावनाओं व व्यवहार को समझने के लिए जागरूक करना था।
कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए आयोजित सत्र में इस उम्र में होने वाले शारीरिक और भावनात्मक बदलावों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की भावनात्मक जरूरतों को समझने और उनके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के तरीके बताए। स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. नीलिमा कामराह ने कहा कि बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। बच्चों में यह भरोसा होना चाहिए कि वे बिना किसी डर के अपनी हर बात माता-पिता से साझा कर सकते हैं। सत्र में ऐम्स मेट टीम से प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार, डॉ. दीपिका दहिमा और कार्यक्रम रणनीतिकार प्रियंका टंडन ने अभिभावकों से संवाद किया।