गुरुग्राम। जिले में एक फरवरी से कक्षा छह से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुल गए है, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। मंगलवार को जिले में 46 फीसदी ही विद्यार्थियों ने ही स्कूलों की ओर रुख किया।
वहीं गुरुग्राम ब्लॉक में मात्र 38 फीसदी ही विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
फर्रुखनगर ब्लॉक के स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 50 फीसदी, सोहना में 47 फीसदी, पटौदी में 48 फीसदी रही। जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्र के अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं।
गुरुग्राम ब्लॉक में कम विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बुधवार को सभी स्कूलों के मिडिल हेड की बैठक भी लेंगी। इस दौरान कम संख्या के कारणों को जानने का प्रयास किया जाएगा। वहीं स्कूलों की व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी।
कोरोना के प्रति किया जा रहा जागरूक
सेक्टर 4-7 में सरकारी स्कूल की प्राचार्य सुमन शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी तीन घंटे के लिए स्कूलों में उपस्थित हो रहे हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विद्यार्थियों को सामाजिक दूरी बनाने, हाथों को सैनिटाइज करने के लिए कहा जा रहा है।
अभी संक्रमण खत्म नहीं
कोरोना से बचाव के लिए लंबे समय तक स्कूलों को बंद रखा गया है। कोरोना के आंकड़े भले ही कम हो गए हैं, लेकिन अभी संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए स्कूलों को खोलना उचित नहीं है।
निशा रानी, सेक्टर 103
जिले में हर दिन 30 से 40 कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं हैं। बच्चों के लिए कोविड प्रोटोकॉल को पालन करना आसान नहीं हैं।
रंजीता कटारिया, पालम विहार
कम छात्र संख्या को लेकर करेंगे बैठक
गुरुग्राम ब्लॉक में छात्र संख्या कम हुई है। हालांकि चारों ब्लॉक के साथ जिले में 46 फीसदी विद्यार्थी उपस्थित रहे हैं। गुरुग्राम ब्लॉक में कम छात्र संख्या पर सभी मिडिल हेड के साथ बैठक की जाएगी।
प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम