अक्तूबर 2016 तक प्लॉट के पजेशन का दिया था आश्वासन, कानूनी खर्च के 55 हजार भी देने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने उपभोक्ता को प्लाॅट का पजेशन समय पर नहीं मिलने पर कंपनी को 40.20 लाख नौ फीसदी ब्याज दर के साथ वापस करने का आदेश दिया। इसके अलावा कानूनी खर्च के 55 हजार रुपये भी देने होंगे।
शिकायतकर्ता कामिनी कुमार के बेटे नीलोत्पल कुमार ,नीलेश कुमार और पति दिनेश कुमार के द्वारा आयोग में दी याचिका में बताया कि सोहना के सेक्टर-17 में विकसित की जा रही, गोल्ड सूक इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ से गोल्ड सूक गोल्फ लिंक में कंपनी से 1.17 करोड़ रुपये में कामिनी कुमार के नाम पर करार हुआ था। प्लाॅट के आवंटन के लिए कंपनी को 40.20 लाख रुपये दिए थे। अक्तूबर 2016 तक प्लाॅट का पजेशन देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन प्लाॅट नहीं दिया गया था। कुछ वक्त के बाद कामिनी कुमार की मृत्यु हो गई थी।
कंपनी ने इस मामले में शिकायतकर्ता को छोटे प्लाॅट का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने प्लाॅट नहीं लिया। इसके लिए नोटिस भी दिया गया था। नोटिस देने के बावजूद भी राशि नहीं दी गई तो 11 जनवरी 2020 को अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया था। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला दिया है।