बीबीए के प्रावधानों के उल्लंघन पर हरेरा कोर्ट ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) कोर्ट ने वाटिका बिल्डर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने पजेशन मिलने तक ब्याज भी देने का आदेश दिया है। बिल्डर खरीदार समझौते (बीबीए) के प्रावधानों के उल्लंघन पर वाटिका बिल्डर पर जुर्माना लगा है। आदेश में कहा गया है कि प्राधिकरण वाटिका लिमिटेड के द्वारा अधिनियम 2016 की धारा 13 के उल्लंघन को स्थापित करता है और धारा 61 के तहत एक लाख रुपये का जुर्माना लगाता है। इसके अलावा प्रमोटर को पंजीकृत खरीदार के समझौते को निष्पादित करने का निर्देश देता है। 30 दिनों के भीतर वाटिका रियल एस्टेट विनियमन और विकास नियम 2017 में प्रदान किए गए मॉडल समझौता पर अमल करें, ऐसा न करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
ज्ञात हो कि वाटिका लिमिटेड से राहत नहीं मिलने के बाद पांच शिकायकर्ताओं ने अक्टूबर 2022 में न्याय की मांग करते हुए रेरा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सभी ने 2018 में वाटिका इंडिया नेक्स्ट प्रोजेक्ट में वाणिज्यिक इकाइयां बुक की थीं और बिल्डर खरीदार समझौते (बीबीए) को निष्पादित किए बिना प्रमोटर ने उनसे पूरा भुगतान करा लिया था। एक साल बाद, वाटिका ने उनकी सहमति के बिना उनकी इकाइयों को सेक्टर 16, गुरुग्राम में एक अलग प्रोजेक्ट वाटिका वन में स्थानांतरित कर दिया और यूनिट के आकार को 1000 वर्ग फुट के मूल आकार से घटाकर 500 वर्ग फुट कर दिया।
शिकायतकर्ताओं को राहत देते हुए, रेरा कोर्ट ने वाटिका लिमिटेड को कब्जे की नियत तारीख से लेकर कब्जे के वैध प्रस्ताव तक हर महीने की देरी के लिए निर्धारित दर पर ब्याज का भुगतान करने का भी सख्त निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि वाटिका लिमिटेड ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया जिसके लिए अदालत वाटिका लिमिटेड को अधिनियम 2016 की धारा 63 के तहत 25000/- रुपये का जुर्माना लगाता है। वाटिका लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी, क्योंकि मामले के सभी तथ्यों और कंपनी के अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया गया है।