नौ फीसदी ब्याज दर से देनी होगी राशि, उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गांव सिधरावली में करीब साढ़े तीन साल पहले एक होटल के सामने से चोरी हुए 12 पहिया ट्रक के 28 लाख रुपये बीमा कंपनी उपभोक्ता को देगी। बीमा कंपनी को यह राशि नौ फीसदी ब्याज दर से देनी होगी। इसके अलावा कंपनी को मानसिक तनाव के लिए पीड़ित को दो लाख रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 22 हजार रुपये का भुगतान भी करना होगा। यह आदेश उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
बीमा कंपनी की तरफ से ट्रक मालिक को कम पैसे दिए जा रहे थे। इस बात से नाराज राजस्थान के जिला अलवर के गांव नांगल मेहता के रहने वाले पीड़ित बिल्लू राम ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की थी। बिल्लू राम ने 17 सितंबर 2020 से 16 सितंबर 2021 तक के लिए अपने ट्रक का करीब 28 लाख रुपये की वाहन कीमत पर 69.5 हजार रुपये का भुगतान कर बीमा द न्यू इंडिया एश्योरेंस से बीमा कराया था। ट्रक चालक शैलेश कुमार 29 जनवरी 2021 को ट्रक में पत्थर लोड कर के राजस्थान के कोटपूतली से फरीदाबाद के पाली जा रहा था।
गांव सिधरावली में एक होटल पर रात के दो बजे चाय पीने के लिए चालक ने ट्रक रोक दिया था। जब चालक चाय पीकर बाहर आया तो देखा की ट्रक चोरी हो गया था। ट्रक मालिक की शिकायत पर बिलासपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ट्रक मालिक ने बीमा कंपनी को ट्रक चोरी होने की शिकायत दर्ज करने के बाद बीमा कंपनी से क्लेम लेने के लिए दस्तावेज कंपनी को दे दिए थे । बीमा कंपनी चोरी हुए ट्रक के उपभोक्ता को कुल 25.63 लाख रुपये दे रही थी। जबकि बीमा के हिसाब से ट्रक की कीमत करीब 28 लाख रुपये थी।
ट्रक मालिक बिल्लू राम ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर करते हुए करीब 28 लाख रुपये ब्याज दर के साथ मांगने की बात रखी थी । आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि बीमा करने के दौरान ट्रक की कीमत 28 लाख रुपये थी। इसलिए बीमा कंपनी करीब 28 लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज दर से उपभोक्ता को देगी। इसके अलावा मानसिक तनाव के लिए मुआवजा व कानूनी खर्च भी देना होगा।