चेक बाउंस के मामले में अदालत से जमानत मिलने के बाद भी किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमितेंद्र सिंह की अदालत ने पुलिस आयुक्त को हवलदार नवीन के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हवलदार ने चेक बाउंस के मामले में डेढ़ महीने पहले जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद भी पिता-पुत्र को गैर कानूनी तौर पर गिरफ्तार किया था। तीस मार्च 2024 को बचाव पक्ष के वकील ने जांच अधिकारी को फोन पर जमानत की जानकारी दी थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनीष शांडिल्य और रीना शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल ओम प्रकाश और उनके बेटे नाथू सिंह पर 2020 से करीब साढ़े सात लाख रुपये के चेक बाउंस का मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। इस मामले में दोनों 2020 से अदालत में पेश हो रहे थे,लेकिन 2022 में किसी कारण से पेश नहीं हो सके थे। इसके बाद अदालत ने पिता-पुत्र के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था और गैर-जमानती वारंट पर पेश नहीं होने पर अदालत ने आठ फरवरी 2024 को पिता-पुत्र को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद 12 फरवरी 2024 को पिता-पुत्र ने अदालत में पेश होकर जमानत ले ली। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए इस मामले में एक अप्रैल की तारीख लगा दी थी। इसके बावजूद एक अप्रैल 2024 की सुबह पांच बजे हेड कांस्टेबल नवीन ने पिता-पुत्र को घर से ही गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि हवलदार नवीन के खिलाफ गैर कानूनी गिरफ्तारी और कैद में रखने पर विभागीय कार्रवाई की जाए। इस मामले में अगली सुनवाई एक जुलाई 2024 को होगी।