फिल्म का नाम 120 बहादुर के बजाय '120 वीर अहीर' रखने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल प्लाजा स्थित अहीर रेजीमेंट धरना स्थल पर यदुवंशी समाज की महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में फिल्म 120 बहादुर का विरोध किया गया। महापंचायत में यदुवंशी समाज ने स्पष्ट कहा है कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान रेजांगला की ऐतिहासिक लड़ाई में शौर्य दिखाने वाले 13 कुमाऊं बटालियन को सरकार की ओर से वीर अहीर की उपाधि प्रदान की गई थी। इसलिए फिल्म का शीर्षक 120 वीर अहीर होना चाहिए। निर्देशक रजनीश घई और निर्माता फरहान अख्तर द्वारा बनाई जा रही फिल्म 120 बहादुर शीर्षक न केवल 114 वीर शहीदों का अपमान है बल्कि युद्ध इतिहास की तुलना में भी यह अनुचित और अस्वीकार्य है।
महापंचायत में भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए और उन्होंने निर्माताओं की इस अनदेखी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समाज का कहना है कि फिल्म का शीर्षक बदलकर 120 वीर अहीर किया जाए। फिल्म के प्रसारित (21 नवंबर) करने से पहले इसे शहीदों के परिवारों और समाज के प्रतिनिधियों को दिखाया जाए। हाल ही में जारी किए गए टीजर में अहीर सैनिकों की सामूहिक वीरता को दबाकर केवल एक व्यक्ति की बहादुरी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, जो अस्वीकार्य है।
महापंचायत में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भी शिरकत की और आयोजकों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने निर्माताओं से आग्रह किया है कि समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाए और फिल्म को न्यायपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया जाए। इस मौके पर कर्नल चंदू लाल, डॉ. टीसी राव, कर्नल महाबीर यादव, कमांडर वीपी यादव, मेजर एसएन यादव, वेद यादव, साध्वी पुष्पा शास्त्री, अरुण यादव, सोचन सरपंच, सतीश पार्षद, रविंद्र फौजी, धर्मपाल यादव, राजबीर यादव, धर्म सिंह नंबरदार व सचिन यादव आदि उपस्थित रहे।