गुरुग्राम। अब लोगों को अनाज लेते समय न तो लंबी लाइन में लगना होगा और न ही राशन कम मिलने की शिकायत का कोई मौका रहेगा। सरकार अब प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए ग्रेन एटीएम स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। गुरुग्राम के फर्रुखनगर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश का पहला ग्रेन एटीएम स्थापित कर दिया गया है।
इससे न केवल उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा बल्कि सरकारी डिपो पर अनाज घटने का झंझट भी खत्म होगा और सार्वजनिक अनाज वितरण प्रणाली में पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी। यह एटीएम सरकारी डिपो संचालकों को अनाज वितरण में सहायक साबित होगा। इससे डिपो संचालकों का समय भी बचेगा।
ऐसे काम करती है मशीन
यह एक स्वचालित मशीन है जो बैंक एटीएम की तर्ज पर कार्य करती है। यूनाइटेड नेशन के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के तहत स्थापित की गई इस मशीन को ऑटोमेटिड, मल्टी कमोडिटी, ग्रेन डिस्पेंसिंग मशीन कहा जाता है। कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी अंकित सूद का कहना है कि अनाज के माप तौल को लेकर इसमें त्रुटि न के बराबर है। एक बार में यह मशीन 70 किलोग्राम तक अनाज पांच से सात मिनट में निकाल सकती है। मशीन में लगी टच स्क्रीन के साथ एक बॉयोमेट्रिक मशीन भी लगी हुई है, जहां पर लाभार्थी को आधार या राशन कार्ड का नंबर डालना होगा। बॉयोमेट्रिक से सुनिश्चित करने पर लाभार्थियों को सरकार द्वारा तय अनाज स्वत: मशीन के नीचे लगाए गए बैग में भर जाएगा। इस मशीन के माध्यम से तीन तरह के अनाज गेहूं, चावल और बाजरा का वितरण किया जा सकता है। फिलहाल फर्रुखनगर में स्थापित ग्रेन एटीएम मशीन से गेहूं का वितरण शुरू कर दिया गया है।
ग्रेन एटीएम लगने से सरकारी दुकानों से राशन लेने वालों के समय और पूरा माप न मिलने को लेकर तमाम शिकायतें दूर हो जाएंगी। इसका मकसद ‘राइट क्वॉवन्टटि टू राइट बेनिफिशरी’ है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा बल्कि सरकारी डिपो पर अनाज घटने का झंझट भी खत्म होगा और सार्वजनिक अनाज वितरण प्रणाली में पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी। फर्रुखनगर में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद ऐसी अन्न आपूर्ति मशीनों को प्रदेशभर में सरकारी डिपो पर लगाने की योजना है।
ॅ---दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम