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Gurugram News: 28 दिनों के महीने में सिर्फ 2 दिन सुकून की सांस

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कचरा जलाने की घटनाएं, टूटी सड़कों से उड़ती धूल बढ़ा रही प्रदूषण
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फरवरी में सिर्फ दो दिन मिली साफ हवा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर की वायु गुणवत्ता पूरे माह लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। सिर्फ दो ही दिन हवा साफ दर्ज की गई। दो फरवरी को 191 और 19 फरवरी को 148 एक्यूआई दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार को शुक्रवार को गुरुग्राम का एयर क्वालिटी इंडेक्स 242 दर्ज किया गया।
प्रदूषण में बढ़ोतरी के पीछे स्थानीय स्रोतों की बड़ी भूमिका में सड़क की धूल और खुले में कचरा जलाना प्रमुख कारण है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी का अधिकांश समय शहर ने खराब हवा में ही बिताया, जिससे लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फरवरी में पीएम 2.5 का स्तर दो बार 300 के पार पहुंचा। चार फरवरी को 334 और 24 फरवरी को 307 दर्ज किया गया जोकि बेहद खराब श्रेणी में आता है। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर औसत से कहीं अधिक है। पर्यावरणविद गौरी सरीन का कहना है कि प्रदूषण में गिरावट न आने की वजह दूरस्थ स्रोत नहीं, बल्कि स्थानीय कारक हैं। जगह-जगह कचरा जलाने की घटनाएं, टूटी सड़कों से उड़ती धूल, खुली पड़ी मिट्टी और निर्माण कार्य खासकर पीक ट्रैफिक के समय हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ा रहे हैं। यदि धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो वायु गुणवत्ता और तेजी से खराब हो सकती है।
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सेक्टर-21 में खाली प्लॉटों पर कूड़ा जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बड़ी मात्रा में कूड़ा जलाने से जहरीला धुआं फैलता है, जिससे हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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वर्जन
कूड़ा फैलाने और जलाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। साथ ही, हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सड़कों को योजनाबद्ध तरीके से धूलमुक्त किया जा रहा है, नियमित सफाई और पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। -रविंद्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम
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