गुरुग्राम। नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय प्रयास कर रहा है, ताकि छात्रों की पाठ्यक्रम प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की कक्षाएं टीवी के माध्यम से लगाई जाएंगी और रोजाना पहली से 12वीं कक्षा तक विषय वार, पाठ्यक्रम के आधार पर प्रसारण किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण के कारण ऑनलाइन पढ़ाई को देखते हुए के केबल टीवी और जिओ टीवी से छात्रों को जोड़ा जा रहा है। टीवी पर प्रसारण होने के चलते छात्रों के पास विभिन्न माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ने विकल्प हो जाएगा। इससे छात्र टीवी के साथ ही कंप्यूटर, लैपटॉप आदि के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं देख सकेंगे। स्कूलों को कहा गया है कि इसे लेकर अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, ताकि छात्रों को इस संबंध में जानकारी मिलती रहे। वहीं कार्यक्रमों की दैनिक सारणी भी छात्रों को दी जाएगी।
चार स्तरों में बांटा कार्य
टीवी प्रसारण होने वाली ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर चार स्तर में कार्य बांटे गए हैं। पहले स्तर में स्कूली स्तर पर स्कूल प्रधानाचार्य व मुख्याध्यापक की अहम भूमिका होगी, जोकि सुनिश्चित करेंगे कि छात्र यह प्रसारण देख रहे हैं या नहीं। दूसरे स्तर में क्लस्टर स्तर पर बीआरपी एबीआरसी अपने-अपने क्लस्टर के शिक्षकों को इन संसाधनों के प्रयोग के बारे में प्रोत्साहित करेंगे और आ रही कठिनाइयों के निवारण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। तीसरे स्तर पर खंड स्तरीय कार्य में जिले के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, उप जिला शिक्षा अधिकारी और प्रधानाचार्य डाइट अपने जिले में अलग-अलग खंडों के लिए कार्य करेंगे। जिसमें क्लस्टर और स्कूल ई-लर्निंग को संभव बनाने में सहयोग देंगे। वहीं चौथे स्तर पर जिला स्तरीय कार्य में पहली से आठवीं कक्षा के लिए और 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्य किया जाएगा।
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वर्जन
- टीवी प्रसारण को लेकर सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह प्रसारण की समय सारिणी सभी छात्रों को भेजी जाए और छात्रों से प्रसारण को देखने संबंधी जानकारी ली जाए। वहीं किस वजह से छात्र प्रसारण को नहीं देख पा रहे, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। वहीं प्रसारण को देखने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए भी शिक्षकों को कार्य करना होगा।
- प्रेमलता यादव, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।