सीवर लाइन के निर्माण के दौरान टूटी पेयजल लाइन, हजारों घरों में जल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। एक काम शुरू नहीं हुआ कि दूसरा तमाम... यह कहावत सोहना कस्बे में सच साबित हुई। यहां नगरपरिषद के एक ठेकेदार की बड़ी लापरवाही के कारण रविवार को हजारों परिवारों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा। सीवर लाइन बिछाते समय पानी की मुख्य सप्लाई लाइन टूटने से क्षेत्र की जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शहर के लोगों ने ठेकेदार की इस लापरवाही पर रोष प्रकट किया।
शनिवार देर रात हुई घटना, दिनभर भटकते रहे लोग
यह मामला सोहना कस्बे के वार्ड नंबर 14 स्थित लेबर चौक के पास निजी गली का है। शनिवार देर रात नगरपरिषद द्वारा इस गली में सीवर लाइन दबाने का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। आरोप है कि खुदाई के दौरान ठेकेदार ने लापरवाही बरती और बिना ध्यान दिए पानी की मुख्य लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि रविवार सुबह जब लोगों के घरों में पानी आने का समय हुआ, तो नल सूखे पड़े थे। लोग दिनभर पानी के इंतजाम के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
जनस्वास्थ्य विभाग ने देर शाम बहाल की आपूर्ति
मुख्य लाइन टूटने की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तकनीकी टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। टीम ने मरम्मत का कार्य शुरू किया। देर शाम तक कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार क्षतिग्रस्त लाइन को जोड़ा जा सका, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति बहाल हो सकी। स्थानीय नागरिकों ने परिषद पर सरकारी कोष के दुरुपयोग का सीधा आरोप लगाया है।
सोमवार को की जाएगी मामले की जांच
नगरपरिषद के जेई शाहरुख ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। शाहरुख ने कहा कि सोमवार को मामले की जांच की जाएगी। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के जेई कन्हैया लाल ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलते ही टीम ने पानी की मुख्य लाइन दुरुस्त कर दी थी।
मनमर्जी से कार्य कराने का आरोप
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई कन्हैया लाल ने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन डालने का कार्य उनके विभाग का होता है। नगरपरिषद पर आरोप है कि वह अपनी मनमर्जी से कार्य कर रही है। परिषद कोष का दुरुपयोग कर निजी गलियों में सीवर लाइन बिछा रही है। इस मामले में अब नगरपरिषद के स्तर पर जांच की बात कही गई है। यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।