एलिवेटेड गर्डर, बीम समेत अन्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी कंपनी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) सेक्टर-33 में कास्टिंग यार्ड/बैचिंग प्लांट बनाने के लिए करीब पांच एकड़ जमीन मेट्रो निर्माण एजेंसी को देगी। यहां पर कंपनी गर्डर्स, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य स्ट्रक्चर बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी।
जीएमआरएल ने पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक मेट्रो निर्माण के लिए टेंडर जारी किया हुआ है। पहले चरण में 14 मेट्रो स्टेशनों के सिविल वर्क पर करीब 1286 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमआरएल ने मेट्रो का टेंडर जारी किया था और 22 अप्रैल को खोला जाना था लेकिन अब यह टेंडर एक मई तक बढ़ा दिया गया है। दूसरी ओर जीएमआरएल मेट्रो निर्माण करने वाली एजेंसी को कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए सेक्टर-33 में करीब पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगा। इसके लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
सेक्टर-33 की भूमि एचएसवीपी के स्वामित्व की है। यहां पर अस्थाई रूप में कास्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इसके बाद यहां पर मेट्रो यार्ड बनाया जाना है। कास्टिंग यार्ड में प्रीकास्ट कंक्रीट के कई प्रकार के स्ट्रक्चर बनेंगे, जैसे कि मेट्रो परियोजनाओं में बीम, पिलर और अन्य स्ट्रक्चर शामिल हैं। यह प्रीकास्ट निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इससे निर्माण प्रक्रिया में तेजी आती है और साइट पर निर्माण कार्य कम हो जाता है। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में 28.5 किलोमीटर में 27 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे। इसमें मिलेनियम सिटी मेट्रो,सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज- 6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9, सेक्टर 7, सेक्टर 4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-4, उद्योग विहार फेज-5 व सेक्टर 101 व साइबर सिटी समेत अन्य शामिल है।
निर्माण कार्य में होगी देरी
ओल्ड गुुरुग्राम मेट्रो परियोजना पर एक मई से निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की हुई है। हालांकि, इसके टेंडर की तिथि अब बढ़ा दी गई है। ऐसे में एक मई से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद नहीं है। इससे जुड़े लोगों का कहना है कि इसमें बड़ी कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में सभी के कागजातों की जांच करने के बाद निर्माण एजेंसी चयन पर निर्णय होगा। इस कार्य में एक माह का समय लग सकता है। ऐसे में मई में काम शुरू होने की उम्मीद कम है।