वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण यात्री जेब से किराया देने को मजबूर
सरकार की महत्वकांक्षी योजना लापरवाही और लचर व्यवस्था के भेंट चढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकार की बहुप्रचारित हैप्पी कार्ड योजना जिले में अधिकारियों की लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। परिवहन विभाग के पास पिछले महीने ही हजारों हैप्पी कार्ड पहुंच चुके हैं, लेकिन अब तक जरूरतमंद लोगों तक ये कार्ड नहीं पहुंच पाए हैं। हालत यह है कि करीब 5000 से अधिक हैप्पी कार्ड विभाग के दफ्तरों में पड़े धूल फांक रहे हैं, जबकि पात्र यात्री रोजाना बसों में किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी इन दिनों जनगणना कार्य में लगाए जाने के कारण कार्ड वितरण का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। विभागीय स्तर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत रोजाना बसों में सफर करने वाले यात्रियों को हो रही है। लोगों का कहना है कि सरकार ने मुफ्त यात्रा का वादा किया था, लेकिन कार्ड समय पर नहीं मिलने से उन्हें अपनी जेब से किराया देना पड़ रहा है। कई पात्र लाभार्थी पिछले कई दिनों से विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें अभी इंतजार करें कहकर वापस भेज दिया जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब कार्ड विभाग के पास पहले से उपलब्ध हैं तो फिर वितरण में इतनी देरी क्यों हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी जनगणना ड्यूटी में व्यस्त हैं तो विभाग को अलग से व्यवस्था बनानी चाहिए थी ताकि जनता को परेशानी न उठानी पड़े। हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई हैप्पी कार्ड योजना के तहत गरीब परिवारों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है। इस कार्ड के माध्यम से पात्र परिवार सालभर में 1000 किलोमीटर तक हरियाणा रोडवेज की बसों में बिना किराया दिए सफर कर सकते हैं।
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विभाग के पास हैप्पी कार्ड आ चुके हैं, लेकिन जनगणना कार्य में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगने के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। जल्द ही विशेष व्यवस्था बनाकर सभी पात्र लोगों को कार्ड वितरित किए जाएंगे ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। - गायत्री अहलावत, जीएम, गुरुग्राम बस डीपो