- ओपीडी में रोजाना करीब 150 मरीज पहुंच रहे हैं
- पाउडर व हार्ड साबुन भी बना सकता है त्वचा रोग का शिकार
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। बारिश के मौसम में नमी और पसीने की वजह से त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। सेक्टर-9 स्थित जिला नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में इन दिनों फंगल इंफेक्शन, खुजली, दाद, चकत्ते और अन्य स्किन रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक त्वचा रोग से पीड़ित करीब 150 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं, सामान्य दिनों के मुताबिक 25 प्रतिशत संख्या बढ़ गई है।
बारिश के बाद बढ़ी उमस के कारण पसीना अधिक आता है और कपड़ों से नमी सूख न पाने की वजह से त्वचा रोग तेजी से फैलता है। खासतौर पर शरीर के उन हिस्सों में, जहां हवा का संपर्क कम होता है। जैसे, गर्दन, कमर, बगल, पैर के बीच और अंगुलियों के बीच संक्रमण तेजी से फैलता है। वहीं, नमी और पसीने से बचने के लिए शरीर को सूखा और साफ रखना जरूरी होता है, जो अक्सर लोग नहीं करते। इसके अलावा, नहाने के बाद शरीर को सुखाए बिना कपड़े पहनना, तंग कपड़े, जींस या सिंथेटिक कपड़े पहनने और गीले मोजे पहनने के कारण भी यह होता है।
इन बातों का रखें ध्यान-
-शरीर को सूखा और साफ रखें।
-हल्के सूती कपड़े पहनें।
-भीगे कपड़े या गीले कपड़े व मोजे तुरंत बदलें।
- अधिक समय के लिए पसीना न रहने दें।
- डॉक्टर की सलाह से दवा लें।
बिन डॉक्टर की सलाह से न लें दवा
त्वचा रोग एक गंभीर समस्या है जो लापरवाही बरतने पर जीवनभर के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। अक्सर लोग खुजली, दाने या अन्य त्वचा संबंधी लक्षणों पर बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम या दवाइयां इस्तेमाल करते हैं, जो आगे चलकर स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेरॉयड युक्त क्रीम व पाउडर बिना जानकारी के इस्तेमाल करने से त्वचा संक्रमण को बढ़ा सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। पाउडर व हार्ड साबुन भी त्वचा रोग का शिकार बना सकते हैं। कई बार इनमें इतने ज्यादा केमिकल होते हैं जो मौसम में इस्तेमाल करने पर नुकसान करत हैं।
त्वचा रोग को कई बार लोग हल्की बीमारी के रूप में ले लेते हैं, इलाज भी बीच में छोड़ देते हैं। जिस वजह से यह बीमारी और गंभीर हो सकती है। ऐसे में अपना पूरा इलाज करवाएं, डॉक्टर से परामर्श के बाद ही कोर्स को बंद करें।
डाॅ. नीरज मेहता, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल