मास्टर प्लान 2031 को ध्यान में रखकर कार्य योजना तैयार, 94 करोड़ होंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 (अंतिम छोर वाली कॉलोनियां) समेत 34 सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति बेहतर होगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ करीब बीस किलोमीटर मास्टर पेयजल लाइन डलवाने जा रहा है। 94 करोड़ की परियोजना का जल्द टेंडर जारी होने की उम्मीद है। इस योजना से कॉलोनी के अंतिम छोर पर रह रहे लोगों की प्यास बुझ सकेगी।
जीएमडीए मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर शहर में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। इस परियोजना में द्वारका एक्सप्रेसवे, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 समेत अन्य सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के लिए मास्टर पेयजल लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। हालांकि, चौमा रेलवे क्रॉसिंग के पास जमीन नहीं मिलने से इसके रूट को बदलाव कर बजघेड़ा आरओबी से होकर कृष्णा चौक से रेजांगला चौक से होकर ले जाया जाएगा। इस योजना पर लंबे समय से काम चल रहा है। जीएमडीए ने जमीन संबंधी समस्याओं को सुलझा लिया है।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि नई लाइन योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इससे कई सेक्टरों में पानी की सप्लाई बेहतर हो जाएगी।
पुरानी लाइन होने से परेशानी
सेक्टर-22, 23, चार, सात, सरहौल, सेक्टर-25 व 26 में पानी की लाइन शहर के अंदर से होकर गई है। यह लाइन काफी पुरानी हो चुकी है और कई जगहों पर मेन लाइन से कई कॉलोनियों में सीधे पानी के कनेक्शन हैं। ऐसे में पानी अंतिम छोर वाले सेक्टरों में कम मिलता है। इससे लोगों को परेशानी होती है। जीएमडीए बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र में 100 एमएलडी का नया संयंत्र बनवाने जा रहा है। निर्माण कार्य एक एजेंसी को अलॉट किया जाना है। नया संयंत्र बनाने में एक साल का समय लग सकता है। इसके बनने तक पाइप लाइन का कार्य भी जीएमडीए पूरा कराना चाहता है।
इन सेक्टरों को सीधा मिलेगा लाभ
नई पाइप लाइन से सेक्टर-101, 104, 108,110,110ए, 111, न्यू पालम विहार और सराय गांव को सीधा लाभ मिलेगा। इन जगहों पर जरूरत से कम पानी मिल रहा है। दूसरा पुरानी पाइप होने से भी दिक्कत है। इसके अलावा अंतिम छोर वाले क्षेत्रों में सेक्टर एक व दो, सेक्टर-18 व 19 (एसएसआईआईडीसी), सेक्टर-20 (डूंडाहेड़ा), सेक्टर-21 (सूर्या विहार), सेक्टर-22, 23, 23ए (कार्टरपुरी पालम विहार एक्सटेंशन, नोबेल एन्क्लेव) हैं। हालांकि, इससे सटे सेक्टरों में सेक्टर-3ए, सेक्टर-चार, सेक्टर-सात, सेक्टर-आठ, सेक्टर-नौ, सेक्टर-9ए, 12, 12ए, भीमगढ़ खेड़ी, अशोक विहार फेज दो व तीन, मारुति उद्योग, सुखराली और सेक्टर-13, सरहौल गांव, नाथूपुर गांव, सेक्टर 25 व 26 शामिल हैं। नई लाइन से उन्हें भी पर्याप्त पानी मिलेगा।