गुरुग्राम। अब स्कूलों में ही छात्रों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच हो सकेगी। स्कूल के भीतर ही छात्रों को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिससे स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। दरअसल स्कूल खोलने के निर्देशों के बाद भी कक्षाओं को सुचारु नहीं किया जा सका। शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ ही प्रवेश दिया जा रहा है। प्रमाण पत्र बनवाना बच्चों व अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पिछले दो दिन में 10 फीसदी से भी कम छात्र स्कूल पहुंच सके हैं।
छात्रों व अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए गुरुग्राम शिक्षा विभाग अब स्कूलों में ही स्वास्थ्य जांच कराएगा, जिसके संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन ने बताया कि स्कूल अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से समन्वय स्थापित करेंगे एवं स्कूलों में ही प्राथमिक चिकित्सकों को बुलाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में चिकित्सकों का स्कूल आना संभव नहीं होगा, वहां शिक्षकों द्वारा जांच करवाने में मदद की जाएगी। महिला शिक्षिकाएं छात्राओं की जांच कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाएंगी, जिससे अभिभावकों को परेशानी नहीं होगी। दरअसल स्वास्थ्य जांच के लिए छात्राओं ने पीएचसी पहुंचने में काफी दिक्कतें आ रही थी। वहीं बहुत से अभिभावक अपनी व्यस्तता के चलते बच्चों की जांच नहीं करा पा रहे थे। ऐसे अब जांच कराने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी।
तीसरे दिन कम हुई छात्र संख्या
निदेशालय के आदेशानुसार स्कूलों को दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए सोमवार से खोला गया था। पहले दिन तकरीबन दस फीसदी छात्र स्कूलों में पहुंचे। हालांकि जांच प्रमाण पत्र नहीं होने पर छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया। दूसरे दिन भी अधिकतर छात्र फॉर्म और पंजीकरण भरवाने के लिए पहुंचे। तीसरे दिन यह छात्र संख्या और भी कम हो गई। बेगम खटोला स्कूल में बुधवार को एक भी छात्र नहीं पहुंचा। वहीं सेक्टर 4-7 स्कूल में 10 ही छात्र पहुंचे। बुधवार को 593 बच्चे ही स्कूल पहुंचे।