उम्रकैद की सजा प्राप्त मधुबन लंबे समय से चल रहा था फरार
मई 2006 में की थी जगमाल की हत्या, पूर्व विधायक का भाई था
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अपराध शाखा सेक्टर-43 की पुलिस ने वर्ष 2006 के बहुचर्चित जगमाल हत्याकांड के कुख्यात अपराधी को करीब 14 साल बाद बुधवार को पलवल के आटोहा गांव से गिरफ्तार किया है। वह उम्रकैद की सजा पाकर लंबे समय से फरार चल रहा था। बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश करके भोंडसी जेल भेज दिया गया।
कुख्यात अपराधी की पहचान भरतपुर (राजस्थान) के बुधवारी कलां निवासी मधुबन के रूप में हुई है। आरोपी मधुबन के खिलाफ 14 मई 2006 को सदर थाने में धारा 302, 201, 404 आईपीसी के तहत दर्ज है। आरोपी ने 13 मई 2006 को अपने ही मालिक जगमाल ठाकरान एडवोकेट (जोकि उस समय के एक पूर्व विधायक के भाई थे) की लोहे की रॉड से वार करके हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से मृतक के शव को उनके फार्म हाउस में रखे संदूक में बंद कर दिया और मृतक की गाड़ी व कीमती सामान लेकर भाग गया था।
गुरुग्राम पुलिस की स्पेशल स्टाफ फोर्स ने आरोपी मधुबन को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पांच मार्च 2008 को आरोपी मधुबन को उम्रकैद की सजा सुनाई।
ठिकाना बदल-बदलकर छिपता रहा
आरोपी मधुबन वर्ष 2011 में जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इसके बाद अदालत द्वारा उसकी जमानत रद्द करके दोबारा गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए। इसके बाद आरोपी गिरफ्तारी के भय से लगातार अपना ठिकाना बदल-बदलकर छिपता रहा और करीब 14 साल से फरार चल रहा था। अपराध शाखा सेक्टर-43 के प्रभारी नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए 24 दिसंबर को फरार अपराधी मधुबन को गिरफ्तार किया।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि अपराधी मधुबन की गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2006 के हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। कानून से भागने वाले किसी भी अपराधी को नहीं बख्शा जाएगा। फरार बेल जंपरों व भगोड़ अपराधियों के ठिकानों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार जेल भेजा जा रहा है।