खुले मैनहोल में गिरने से नौ साल की बच्ची गंभीर रूप से हुई घायल
- पैर व निजी अंगों में लगी गंभीर चोटें, अस्पताल में कराया भर्ती
- सोसाइटी में रखरखाव एजेंसी के कर्मचारियों ने किया परिजनों के दुर्व्यवहार, सेक्टर-10 थाने में प्राथमिकी दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के सेक्टर-95 स्थित आरओएफ आनंदा सोसाइटी में 28 अगस्त की देर शाम करीब को खुले मैनहोल में गिरने से नौ साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि खेलते समय बच्ची की एक टांग करीब दो फीट गहरे मैनहोल में चली गई, जबकि दूसरी टांग ऊपर ही रह गई। इस घटना में बच्ची के निजी अंगों में गंभीर चोट लगी हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि घटना के बच्ची के परिजन जब सीसीटीवी फुटेज लेने सोसाइटी पहुंचे तो रखरखाव एजेंसी के कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। पीड़ित ने मामले में सेक्टर-93 चौकी की पुलिस को शिकायत दी।
जानकारी के अनुसार आरओएफ आनंदा सोसाइटी के टावर-एफ रहने वाले एक परिवार की बच्ची वहां खेल रही थी। बच्ची का ध्यान वहां दो फीट गहरे व दो फीट चौड़े खुले मैनहोल की ओर नहीं गया। इसी दौरान खेलते हुए बच्ची का एक पैर करीब मैनहोल के अंदर चला गया, जबकि दूसरा पैर ऊपर रह गया था, जिससे बच्ची घायल हो गई। मैनहोल से निकलकर घायल अवस्था में बच्ची ने अपने अभिभावकों को जानकारी दी। जिसके बाद परिवार वाले बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए। आरोप है कि परिवार वाले बच्ची को आसपास के तीन निजी अस्पतालों में भर्ती कराने गए, जिसमें रखरखाव करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने बाधा डाली।
बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि उपचार के लिए निजी अस्पतालों में घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की आवश्यकता बताई गई। इसके वे 29 अगस्त की सुबह सोसाइटी में रखरखाव का काम देख रही इनवायरो एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद जितेंद्र नामक कर्मचारी से 28 अगस्त की शाम को हुई घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के लिए कहा। लेकिन जितेंद्र ने फुटेज देने से इंकार कर दिया। आरोप है कि जितेंद्र ने बच्ची के पिता व उनके भाई के साथ हाथापाई की। इसके बाद जितेंद्र ने कॉल करके टावर-एफ से दो लोगों को बुलाकर पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि सोसाइटी में रहने वाले ऋषि शुक्ला ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई। बच्ची के पिता ने पुलिस से मांग की है कि एजेंसी का लाइसेंस रद्द किया जाए और एजेंसी की भूमिका व कर्मचारियों की कथित लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। वहीं, घायल बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए।
वहीं, सोसाइटी में रखरखाव करने वाली एजेंसी की ओर से प्रवक्ता एसके मेहता का कहना है कि साेसाइटी में रहने वाले निवासियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम पूरी कोशिश करते हैं कि हमारी जिम्मेदारी के तहत आने वाली सुविधाएं व सुरक्षा सिस्टम सही हालत में रहें और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। मामले की जांच में मदद के लिए जरूरी सीसीटीवी फुटेज व जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
वर्जन
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर जितेंद्र व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके मामले की छानबीन की जा रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार, प्रभारी, सेक्टर-93 पुलिस चौकी।